


शिक्षक समाज के मार्गदर्शक और राष्ट्र के भविष्य निर्माता : प्रो. शिवशंकर मंडल
नवगछिया । जी.बी. कॉलेज, नवगछिया के सांस्कृतिक परिषद के तत्वावधान में शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। सांस्कृतिक परिषद की सचिव डॉ. ऊषा शर्मा के नेतृत्व में आयोजित समारोह में महाविद्यालय के सभी शिक्षकों को सम्मानित किया गया। वहीं छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
समारोह के मुख्य अतिथि मानविकी संकाय के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो. शिवशंकर मंडल तथा विशिष्ट अतिथि जे.पी. कॉलेज, नारायणपुर के पूर्व प्राचार्य प्रो. विभांशु मंडल एवं राजकीय डिग्री कॉलेज, गोपालपुर के प्राचार्य डॉ. राजकुमार प्रसाद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं प्राचार्य द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

शिक्षकों के योगदान को किया गया नमन
समारोह में प्राचार्य प्रो. सत्येन्द्र कुमार ने महाविद्यालय के सभी शिक्षकों को पुष्पमाला एवं सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का समर्पण और उनकी शैक्षणिक भूमिका किसी भी शिक्षण संस्थान की प्रगति की आधारशिला होती है। महाविद्यालय के विकास में शिक्षकों के योगदान के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया।
मुख्य अतिथि प्रो. शिवशंकर मंडल ने शिक्षक दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक समाज के मार्गदर्शक और राष्ट्र के भविष्य निर्माता हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उन्हें नैतिक एवं मानवीय मूल्यों से जोड़कर जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के चरित्र एवं व्यक्तित्व निर्माण पर भी विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. विभांशु मंडल ने गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक का सम्मान केवल किसी व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और शिक्षा के मूल्यों का सम्मान है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों के प्रति सदैव आदर बनाए रखने और उनके मार्गदर्शन को जीवन में आत्मसात करने की अपील की।
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रिया एवं मनतशा ने मंच संचालन किया। ज्योति, शाहिदा, नेहा, काजल एवं प्रियंका ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। पीयूष ने गीत प्रस्तुत किया, जबकि संचित ने शिक्षक दिवस के महत्व पर अपने विचार रखते हुए शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
प्राचार्य प्रो. सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक शक्ति उसके शिक्षक होते हैं। शिक्षकों के समर्पण, निष्ठा और सामूहिक प्रयास से ही महाविद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकता है। उन्होंने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की।
समारोह में डॉ. फिरोज अहमद, डॉ. दिव्य प्रियदर्शी, डॉ. मो. मोसर्रत हुसैन, डॉ. अर्शदुज्जमा, डॉ. मंजु कुमारी, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अभयकांत सिंह, डॉ. चंदा कुमारी, डॉ. खालिदा नाज एवं डॉ. रूपा डे सहित शिक्षकेतर कर्मचारी मुकेश पोद्दार एवं अखिलेश पोद्दार तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। पूरे समारोह के दौरान महाविद्यालय परिसर गुरुजनों के सम्मान, विद्यार्थियों के उत्साह और सांस्कृतिक रंग से सराबोर रहा।















