


नवगछिया।
घाट ठाकुरवाड़ी में आयोजित 51वां श्री रामचरितमानस नवाह पारायण एवं श्री राम कथा के छठे दिन प्रयागराज से पधारे संत स्वामी विनोदानंद सरस्वती ने अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “हिमालय से गिरे व्यक्ति का इलाज संभव है, लेकिन समाज से गिरे व्यक्ति का इलाज संभव नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि “जिसकी ओर कोई नहीं देखता, उसकी ओर भगवान राम देखते हैं और जिसकी चर्चा कोई नहीं करता, उसकी चर्चा भी राम करते हैं।”
स्वामी जी ने कहा कि जो भगवान की कथा सुनता है वह भाग्यशाली होता है, लेकिन जिसकी कथा स्वयं भगवान करते हैं, वह अत्यंत भाग्यशाली होता है। उन्होंने लोगों को नैतिकता, भक्ति और सदाचार का महत्व बताते हुए कहा कि “जो सबके लिए सोचता है वही सच्चा साधु है, जबकि सामान्य मनुष्य केवल अपने और अपने परिवार के बारे में सोचता है।”
उन्होंने अपने प्रवचन में यह भी कहा कि “राग से संसार मिलता है, लेकिन अनुराग से राम मिलते हैं।” साथ ही उन्होंने यह संदेश दिया कि यदि व्यक्ति संसार के पीछे भागेगा तो कुछ नहीं मिलेगा, लेकिन यदि वह भगवान को अपनाएगा तो संसार स्वयं उसके पीछे आएगा।
कार्यक्रम के दौरान भक्ति गीतों और प्रवचनों का सिलसिला लगातार जारी है। मीडिया प्रभारी अशोक केडिया ने बताया कि नवाह पारायण का पाठ प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक 25 विद्वानों द्वारा संगीतमय रूप में किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन 27 मार्च 2026 तक चलेगा।
इस आयोजन को सफल बनाने में समिति के शिव जायसवाल, बनवारी पंसारी, अशोक केडिया, अरुण यादुका, संतोष भगत, अनिल भगत, विशाल चिरानिया, नरसिंह चिरानिया, प्रवीण भगत, अजय भगत, विनीत खेमका, कंचन खेमका, आनंद केडिया, पप्पू केडिया, शंकर चिरानिया, श्रवण केडिया, कन्हैया केडिया, आयुष खेमका, कैलाश अग्रवाल, अनिल चिरानिया सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।













