


नवगछिया : विश्व क्षय रोग दिवस के पूर्व नवगछिया अनुमंडल कारा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य बंदियों के बीच क्षय रोग (टीबी) की समय रहते पहचान कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित करना था।
शिविर का संचालन टीबी यूनिट, नवगछिया की टीम द्वारा किया गया, जिसमें एसटीएलएस शंकर कुमार, एसटीएस मनीष माधव कुमार, एएनएम सोनी कुमारी एवं स्वास्थ्यकर्मी अरशद अली शामिल रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में कारा प्रशासन का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
इस दौरान अनुमंडल कारा अधीक्षक निखिल स्वराज, चिकित्सा प्रभारी उपाधीक्षक चंदन कुमार, प्रभारी कारा चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार, चिकित्सक डॉ. रूबी बेगम, परिचारक दीपक कुमार सहित अन्य काराकर्मी मौजूद रहे और व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
198 बंदियों की हुई जांच
जांच अभियान के तहत कुल 198 बंदियों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें 193 पुरुष एवं 5 महिला बंदी शामिल थे। जांच के दौरान 3 बंदियों में टीबी के लक्षण पाए गए, जिन्हें संदिग्ध मरीज के रूप में चिन्हित किया गया है।
इन संदिग्ध मरीजों का स्पॉट सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है, साथ ही उन्हें मॉर्निंग सैंपल देने के लिए फाल्कन ट्यूब भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि जांच की सटीकता सुनिश्चित की जा सके।
जागरूकता पर भी दिया गया जोर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टीबी एक संक्रामक लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है। समय पर पहचान और नियमित उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
शिविर के दौरान बंदियों को टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सरकार टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर गंभीर है और इसके लिए लगातार कारा, स्कूल, गांव एवं शहरी क्षेत्रों में जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
इस पहल से न केवल बंदियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि समाज में टीबी के प्रसार को रोकने में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।













