
नवगछिया, गोपालपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया पर्व, महिलाओं ने सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में प्रेम व विश्वास बनाए रखने की कामना की
नवगछिया, गोपालपुर समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार को करवा चौथ का पर्व श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में प्रेम व विश्वास बनाए रखने की कामना के साथ दिनभर निर्जला व्रत रखा। पर्व को लेकर सुबह से ही महिलाओं में उत्साह देखने को मिला।

करवा चौथ को लेकर महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार व्रत रखा और शाम को पूजा-अर्चना की तैयारी की। घरों में पर्व को लेकर विशेष उत्साह का माहौल रहा। महिलाओं ने निर्धारित विधि-विधान से भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा की। इसके साथ ही करवा चौथ की कथा सुनी और अपने परिवार की सुख-शांति तथा पति की दीर्घायु की कामना की।
पति की दीर्घायु के लिए की पूजा-अर्चना
करवा चौथ के अवसर पर व्रती महिलाओं ने दिनभर अन्न और जल का त्याग कर निर्जला उपवास रखा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए यह व्रत करती हैं। शाम के समय महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन में प्रेम बनाए रखने की प्रार्थना की।
पर्व के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया। महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक पूजा की और करवा चौथ की कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर घर-परिवार में धार्मिक और उत्सवी माहौल देखने को मिला।
महिलाओं में दिखा खास उत्साह
करवा चौथ का व्रत कर रहीं जूही कुमारी और सिंकू कुमारी ने बताया कि उन्होंने अपने पति की दीर्घायु और परिवार में सुख-शांति बनी रहने की कामना से व्रत रखा है। उन्होंने कहा कि करवा चौथ उनके लिए आस्था और वैवाहिक रिश्ते के प्रति समर्पण का पर्व है।

नवगछिया, गोपालपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ पर्व मनाया। पूजा-अर्चना और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच करवा चौथ का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।















