


कुर्सेला रेक पॉइंट पर 54 हजार तक का चालान, मक्का व्यापार प्रभावित
कटिहार के कुर्सेला रेक पॉइंट पर मक्का लेकर पहुंच रहे किसानों और व्यापारियों को डीटीओ की ओवरलोडिंग जांच कार्रवाई से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि भारी जुर्माने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है, जबकि व्यापारियों को समय पर माल नहीं मिलने से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पूर्णिया के किसान मनीष कुमार ने बताया कि कुर्सेला सीमा में प्रवेश करते ही डीटीओ की टीम ने उनका ट्रैक्टर रोककर धर्म कांटे पर तौल कराया। इसके बाद ओवरलोडिंग और अन्य कारणों का हवाला देते हुए 54 हजार रुपये का चालान काट दिया गया। किसान का कहना है कि इतना जुर्माना भरने के बाद मक्का बेचने पर लागत भी नहीं निकल पा रही है।

व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि कार्रवाई के डर से किसान अब ट्रैक्टर-ट्रॉली में कम माल ला रहे हैं। पहले जहां एक ट्रैक्टर में करीब 100 क्विंटल मक्का आता था, अब यह घटकर 60-70 क्विंटल रह गया है। इससे ढुलाई खर्च बढ़ गया है और रेक पॉइंट पर समय से माल नहीं पहुंच रहा है। कई बार रेलवे के रेक खाली लौटने से व्यापारियों को डैमेज चार्ज भी देना पड़ रहा है।
कटिहार के किसान राजेश मंडल ने सरकार से मक्का सीजन में नियमों में राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि किसानों के पास फसल बेचने के लिए सीमित समय होता है, ऐसे में भारी जुर्माना किसानों को बर्बाद कर देगा।

वहीं जिला परिवहन पदाधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा को देखते हुए ओवरलोडिंग पर कार्रवाई जरूरी है।
















