


गरीब-किसानों और आम जनता के हितों की उठाई आवाज
पूर्णिया। लोकसभा में जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विधेयक के विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाते हुए इसे आम जनता के हित में नहीं माना।
पप्पू यादव ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत युवा हैं, जो अपनी स्वतंत्र आवाज उठाते हैं। उन्होंने चिंता जताई कि वर्तमान कानून के प्रावधानों के तहत युवा हेट स्पीच या अन्य धाराओं में फंसाकर जेल भेजे जा सकते हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि यह विधेयक छोटे किसानों, मजदूरों, लघु उद्यमियों और बटाईदार जैसे आम वर्ग के हितों की अनदेखी करता है, जबकि बड़े पूंजीपतियों को राहत मिलती है।
सांसद ने नकली दवाओं के बढ़ते कारोबार पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नकली दवाइयों से लोगों की जान खतरे में है, लेकिन सरकार की ओर से कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने मांग की कि जन स्वास्थ्य से जुड़े अपराधों पर सख्त सजा सुनिश्चित की जाए, ताकि गरीब और कमजोर लोगों की सुरक्षा बनी रहे।
पप्पू यादव ने पर्यावरण और प्रदूषण के मुद्दे पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों द्वारा फैलाया गया प्रदूषण गरीब और कमजोर वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जुर्माने और नियंत्रण की व्यवस्था कमजोर रही तो पर्यावरणीय अपराध बढ़ सकते हैं।
सांसद ने नौकरशाही पर अत्यधिक निर्भरता के खतरे की ओर भी इशारा किया और कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका और विधायिका की भूमिका सर्वोच्च होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून में आम नागरिक की न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित हो।
पप्पू यादव ने यह स्पष्ट किया कि यह विधेयक दलित, आदिवासी, किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं के हितों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं करता। उन्होंने सदन में केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि इस कानून पर पुनर्विचार किया जाए और इसे अधिक जनहितकारी बनाया जाए।













