


पूर्णिया।
पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने लोकसभा में सीमांचल क्षेत्र की रेल अधोसंरचना को मजबूत करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कटिहार जंक्शन पर बढ़ते रेल परिचालन, यात्रियों की सुविधा तथा क्षेत्र को पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्वी राज्यों से बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराने को लेकर केंद्र सरकार से कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे।
सांसद पप्पू यादव ने रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से जानना चाहा कि लगातार बढ़ रहे रेल यातायात को देखते हुए कटिहार जंक्शन पर अतिरिक्त यार्ड, नए प्लेटफॉर्म और बाईपास रेल लाइन के निर्माण की कोई योजना है या नहीं। उन्होंने यह भी पूछा कि सीमांचल क्षेत्र को पश्चिम बंगाल एवं पूर्वोत्तर राज्यों से अधिक सशक्त रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार कोई व्यापक मास्टर प्लान तैयार कर रही है या नहीं।

लोकसभा में दिए गए जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कटिहार जंक्शन भारतीय रेलवे के महत्वपूर्ण जंक्शनों में से एक है। वर्तमान में यहां प्रतिदिन 172 यात्री ट्रेनों और 25 मालगाड़ियों का परिचालन होता है। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर फिलहाल 49 रेल लाइनें, 9 प्लेटफॉर्म, 4 पिट लाइनें तथा 2 स्टैबलिंग लाइनें उपलब्ध हैं, जो मौजूदा यात्री और माल यातायात की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हैं।
रेल मंत्री ने सदन को यह भी अवगत कराया कि 1 अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के अंतर्गत 2,183 किलोमीटर लंबाई की 76,631 करोड़ रुपये लागत वाली 27 रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें 14 नई रेल लाइन परियोजनाएं, 2 आमान परिवर्तन तथा 11 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए केंद्र सरकार बजट आवंटन बढ़ाने, फील्ड अधिकारियों को अधिक प्रशासनिक अधिकार देने, नियमित प्रगति समीक्षा करने तथा भूमि अधिग्रहण सहित अन्य स्वीकृतियों के लिए राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित कर रही है।
रेल मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि कटिहार जंक्शन को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास के लिए चयनित किया गया है। इस योजना के तहत स्टेशन पर आधुनिक यात्री सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इनमें उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म, आधुनिक प्रतीक्षालय, सभी प्लेटफॉर्मों पर शेड, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, लिफ्ट, एस्केलेटर, ऊपरी पैदल पुल तथा अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था शामिल हैं। इसके अतिरिक्त प्लेटफॉर्म संख्या-2 एवं 3 पर अतिरिक्त शेल्टर, दिव्यांग शौचालय तथा मनिहारी टर्मिनल के प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य भी पूरा किया जा चुका है।
लोकसभा में यह मुद्दा उठाते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सीमांचल क्षेत्र में रेल नेटवर्क का विस्तार समय की आवश्यकता है। कटिहार जंक्शन पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख रेलवे जंक्शन होने के कारण यहां यात्रियों और मालगाड़ियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए अतिरिक्त यार्ड, नए प्लेटफॉर्म, बाईपास लाइन और नई रेल परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि सीमांचल क्षेत्र के समग्र विकास, व्यापार, रोजगार, उद्योग, पर्यटन तथा आवागमन को गति देने के लिए रेल अधोसंरचना का शीघ्र विस्तार किया जाए, ताकि क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर और आधुनिक रेल सुविधाओं का लाभ मिल सके।
















