


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। महंगी होती चिकित्सा और बढ़ते रोगों के दौर में बैजानी का गांधी आश्रम बुधवार को उम्मीद का केंद्र बन गया। यहां शुरू हुए दो दिवसीय निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर में लोग दवाइयों की लंबी सूची नहीं, बल्कि मिट्टी, पानी, भाप और प्राकृतिक जीवनशैली के जरिए स्वास्थ्य पाने की उम्मीद लेकर पहुंचे।
दिशा ग्रामीण विकास मंच के तत्वावधान में आयोजित शिविर के पहले ही दिन करीब 50 लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई, जबकि लगभग 20 मरीजों को स्टीम बाथ, कुंजल क्रिया, एनीमा, चिकित्सीय मालिश और अन्य प्राकृतिक उपचार पद्धतियों से उपचार दिया गया। पेट संबंधी रोग, कमर और घुटनों का दर्द, माइग्रेन, स्पॉन्डिलाइटिस, लकवा, अनिद्रा और नशे की लत जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों ने भी शिविर का लाभ उठाया।
शिविर का उद्घाटन संस्था के अध्यक्ष प्रो. मनोज, सेवाग्राम (वर्धा) से आए प्रख्यात प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. धनंजय कुमार कुटेमाटे, छत्तीसगढ़ से आए डॉ. रितेश हालदार, वैद्य लीला गुप्त, वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत तथा संस्था के सचिव डॉ. मनोज मीता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत ने कहा कि आज अनेक परिवार इलाज के लिए अपनी जमा-पूंजी तक खर्च कर देते हैं, फिर भी उन्हें संतोषजनक स्वास्थ्य नहीं मिल पाता। ऐसे समय में प्राकृतिक चिकित्सा जैसी सुलभ और कम खर्चीली पद्धति समाज के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है।
सभा की अध्यक्षता करते हुए प्रो. मनोज ने महात्मा गांधी के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधीजी प्राकृतिक चिकित्सा के केवल समर्थक ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने स्वयं अपने जीवन में इसे अपनाया था। उनका मानना था कि प्रकृति के साथ संतुलित जीवन ही स्वस्थ समाज की नींव है।
मुख्य चिकित्सक डॉ. धनंजय कुमार कुटेमाटे ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा का उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना नहीं, बल्कि शरीर की स्वाभाविक रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली ने मनुष्य को प्रकृति से दूर कर दिया है, जबकि संतुलित भोजन, स्वच्छ दिनचर्या और प्रकृति के निकट रहकर अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम को शिक्षाविद् राजीवकांत मिश्रा, उदय जी, गौतम जी, डॉ. जयंत जलद, डॉ. सुधीर मंडल और वैद्य लीला गुप्त ने भी संबोधित किया। शिविर के सफल संचालन में त्रिभुवन कुमार, रौशन चौबे, अमर्त्य बंधुल, सिद्धार्थ, शिरोमणि तथा सुभाष प्रसाद ने सक्रिय भूमिका निभाई।
आयोजकों ने बताया कि शिविर 6 अगस्त तक चलेगा। जो लोग पहले दिन शामिल नहीं हो सके, वे गुरुवार सुबह 11 बजे गांधी आश्रम, बैजानी पहुंचकर निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य परामर्श का लाभ ले सकते हैं।

















