


पूर्णिया। संत शिरोमणि महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज की वैराग्य ज्ञानस्थली राजकीय जिला स्कूल, पूर्णिया में उनकी स्मृति में विधायक निधि से स्मारक भवन निर्माण कराने की पहल की गई है। इस संबंध में ने जिला पदाधिकारी सह विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर विद्यालय परिसर में उपयुक्त स्थल का चयन कर आवश्यक स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया है।
विधायक विजय खेमका ने कहा कि पूर्णिया के लिए यह गौरव का विषय है कि 20वीं शताब्दी के महान संत महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज को राजकीय जिला स्कूल, पूर्णिया में अध्ययन के दौरान वैराग्य का ज्ञान प्राप्त हुआ था। उन्होंने बताया कि बनमनखी के सिकलीगढ़ धरहरा में महर्षि मेंही जी का लालन-पालन हुआ तथा वहीं उनकी साधना स्थली स्थित है, जबकि भागलपुर का कुप्पाघाट उनकी तपोभूमि के रूप में विश्व प्रसिद्ध है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष 4 जुलाई को राजकीय जिला स्कूल परिसर में महर्षि मेंही वैराग्य महोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया जाता है। ऐसे महान संत की वैराग्य ज्ञानस्थली पर स्मारक भवन का निर्माण होने से उनकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होगा तथा आने वाली पीढ़ियां उनके जीवन-दर्शन, साधना, त्याग और आध्यात्मिक संदेश से प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगी। यह स्मारक बिहार की आध्यात्मिक धरोहर का भी प्रतीक बनेगा।
विधायक ने इस संबंध में को भी पत्र भेजकर विभागीय अधिकारियों को स्मारक निर्माण के लिए स्थल चिन्हित करने तथा आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति उपलब्ध कराने हेतु निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
















