


पूर्णिया विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र 2026–30 की नामांकन प्रक्रिया में आ रही तकनीकी समस्याओं और छात्रों की परेशानियों को लेकर छात्र राजद (SSAI) विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष पीयूष पुजारा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन को आवेदन सौंपा गया। आवेदन में प्रथम एवं द्वितीय मेधा सूची से जुड़े छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई है।
आवेदन में कहा गया है कि प्रथम और द्वितीय मेधा सूची के आधार पर महाविद्यालयों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन पोर्टल में तकनीकी त्रुटियों के कारण कई छात्र नामांकन से वंचित हो रहे हैं। कई ऐसे छात्र हैं जिनका नाम मेधा सूची में आया, लेकिन तकनीकी कारणों से उनका नामांकन नहीं हो सका। वहीं कुछ छात्रों का नाम सूची में नहीं होने के बावजूद पोर्टल पर चयनित दिखाया गया, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
छात्र संगठन का कहना है कि पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण सैकड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। आवेदन में मांग की गई है कि जिन छात्रों का नाम पहली और दूसरी मेधा सूची में आया है, उनका नामांकन सुनिश्चित किया जाए तथा तकनीकी त्रुटियों के कारण जिन छात्रों का आवेदन प्रभावित हुआ है, उन्हें सुधार का एक और अवसर दिया जाए।
छात्र राजद (SSAI) विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष पीयूष पुजारा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही और तकनीकी कमियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान कई छात्रों के दस्तावेजों में छोटी-छोटी त्रुटियां रह गईं, जिसके कारण उनके आवेदन अस्वीकृत हो गए। ऐसे छात्रों को संशोधन का अवसर दिया जाना चाहिए।
आवेदन में तीसरी एवं अंतिम मेधा सूची को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है। छात्र संगठन ने मांग की है कि पोर्टल की सभी तकनीकी खामियों को दूर कर तीसरी मेधा सूची पारदर्शी तरीके से जारी की जाए, ताकि कोई भी योग्य छात्र नामांकन से वंचित न रहे।

पीयूष पुजारा ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र समाधान नहीं करता है तो छात्र राजद आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नामांकन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने तथा सभी योग्य छात्रों को नामांकन का अवसर सुनिश्चित करने की मांग की है।
















