
साहिबगंज, भागलपुर, जमालपुर समेत विभिन्न इकाइयों की 100 से अधिक महिला कर्मचारियों ने रखीं समस्याएं।
प्रदीप विद्रोही
मालदा। रेलवे में महिला कर्मचारियों को कार्यस्थल पर किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और उनकी समस्याओं का समाधान कैसे किया जा सकता है, इस पर चर्चा के लिए मालदा मंडल में विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन (ईआरडब्ल्यूडब्ल्यूओ), मालदा की पहल पर मंदार कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में 100 से अधिक महिला रेलकर्मियों ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए।
मालदा मंडल के कार्मिक विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मालदा टाउन, भागलपुर, जमालपुर और साहिबगंज समेत विभिन्न स्थानों एवं इकाइयों की महिला कर्मचारी शामिल हुईं। चर्चा का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल से जुड़ी समस्याओं को सामने लाना, कर्मचारियों की चिंताओं को सुनना और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की दिशा में पहल करना था।

संवाद कार्यक्रम में रेलवे के विभिन्न विभागों में कार्यरत महिलाओं ने अपनी समस्याएं और कार्य के दौरान आने वाली कठिनाइयां साझा कीं। इनमें लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मास्टर और पॉइंट्समैन के अलावा ट्रैक मेंटेनर, वाणिज्य, कोचिंग डिपो, सिग्नल एवं दूरसंचार, इंजीनियरिंग, कर्षण वितरण तथा रेलवे सुरक्षा बल की महिला कर्मचारी शामिल थीं। विभिन्न जिम्मेदारियों पर कार्यरत महिलाओं की भागीदारी से कार्यस्थल से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा का अवसर मिला। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि कर्मचारियों को अपनी समस्याएं खुलकर रखने के लिए उचित मंच मिलना चाहिए, ताकि संबंधित मुद्दों पर समय रहते विचार किया जा सके।
पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन, मालदा की अध्यक्ष श्रीमती मनीषा गुप्ता ने महिला रेलकर्मियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने प्रतिभागियों की समस्याओं और चिंताओं को ध्यानपूर्वक सुना तथा उचित मार्गदर्शन और सहयोग का भरोसा दिया।कार्यक्रम में उठाए गए मुद्दों को आगे विचार करने और आवश्यक कार्रवाई के लिए संज्ञान में लिया गया। रेलवे में महिला कर्मचारियों की भागीदारी विभिन्न परिचालन, तकनीकी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सहयोगपूर्ण कार्य वातावरण सुनिश्चित करना जरूरी है।
















