
श्री श्री 108 श्री जगतपति नाथ महादेव मंदिर सह गोपाल गौशाला परिसर में मां भवानी का दरबार, नवरात्र में नहीं होती प्रतिमा स्थापना और न ही बलि की परंपरा; वैदिक मंत्रोच्चार, महाआरती और महाप्रसाद से होती है आराधना
नवगछिया। शारदीय नवरात्र का पांचवां दिन मां स्कंदमाता की आराधना को समर्पित है। इस पावन अवसर पर जीएस न्यूज़ की नवरात्रि विशेष श्रृंखला में आज चलिए नवगछिया बाजार के उस दरबार में, जहां मां भवानी के दर्शन के साथ महादेव की नगरी, शांत जलाशय, खेत-खलिहान और गौसेवा का मनमोहक दृश्य श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह दरबार है नवगछिया बाजार की मुख्य सड़क पर स्थित श्री श्री 108 श्री जगतपति नाथ महादेव मंदिर सह गोपाल गौशाला परिसर में विराजमान मां भवानी का।

मकंदपुर चौक और नवगछिया बस स्टैंड से महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां पहुंचकर भक्त मां के दर्शन करते हैं, पूजा-अर्चना में शामिल होते हैं और कुछ पल शांत वातावरण में बिताते हैं। मंदिर परिसर की विशेषता यह है कि यहां धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति और गौसेवा का भी सुंदर संगम देखने को मिलता है।
महादेव की नगरी में मां भवानी का दरबार
नवगछिया बाजार की मुख्य सड़क पर स्थित इस मंदिर परिसर में बाबा भोलेनाथ के साथ मां भवानी की उपस्थिति श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ वर्ष पहले मंदिर समिति के निर्णय और बाबा भोलेनाथ की कृपा से मां भवानी के मंदिर का निर्माण कराया गया था। इसके बाद से यहां भक्तों को मां के दर्शन और आराधना का अवसर मिलता रहा है।
नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व होता है। भक्त मां के अलग-अलग स्वरूपों का स्मरण करते हुए परिवार और समाज की सुख-शांति की कामना करते हैं। इसी आस्था के साथ मां भवानी के इस दरबार में भी वैदिक विधि-विधान से पूजा-पाठ किया जाता है।

यहां नवरात्र में नहीं होती प्रतिमा स्थापना
इस मंदिर की एक खास परंपरा है। नवरात्र के दौरान यहां मां दुर्गा की नई प्रतिमा स्थापित नहीं की जाती। मां भवानी का दरबार पहले से ही श्रद्धालुओं की आराधना के लिए मौजूद है। भक्त इसी दरबार में पहुंचकर मां के चरणों में शीश नवाते हैं और अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।
यहां बलि की भी परंपरा नहीं है। मां की पूजा वैदिक मंत्रोच्चार, पाठ, आरती और भोग के माध्यम से की जाती है। मंदिर की यह विशेषता इसे नवगछिया के अन्य पूजा स्थलों से अलग पहचान देती है।
वैदिक मंत्रोच्चार, महाआरती और महाप्रसाद
मंदिर में पूजा के दौरान वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। पूजा-पाठ के साथ मां की महाआरती की जाती है और महाप्रसाद का भोग लगाया जाता है। भक्त श्रद्धा के साथ आराधना में शामिल होते हैं। मंदिर के पुजारी-सह-सेवक रंजन बाबा मां की सेवा और पूजा व्यवस्था से जुड़े रहते हैं।
मां भवानी के इस दरबार में पूजा का स्वरूप आडंबर से अधिक भक्ति और परंपरा पर केंद्रित है। यहां आने वाले श्रद्धालु मां के दर्शन करते हैं और आरती के समय भक्तिमय वातावरण का अनुभव करते हैं।
पोखर, खेत-खलिहान और गौसेवा का मनमोहक संगम
मंदिर परिसर की सुंदरता केवल धार्मिक वातावरण तक सीमित नहीं है। यहां पोखर का दृश्य और मंदिर के पीछे फैले खेत-खलिहान परिसर को एक अलग पहचान देते हैं। प्रकृति के बीच स्थित यह स्थान श्रद्धालुओं को शांत वातावरण का अनुभव कराता है।
परिसर में गोपाल गौशाला भी है, जहां गायों की सेवा की जाती है। गौसेवा से जुड़ी गतिविधियां इस स्थान की धार्मिक और सामाजिक पहचान का हिस्सा हैं। मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए मां के दर्शन के साथ गौशाला और आसपास के प्राकृतिक वातावरण को देखना भी आकर्षण का विषय रहता है।
रंजन बाबा की सेवा से जुड़ी है मंदिर की नियमित पूजा
मंदिर के पुजारी-सह-सेवक रंजन बाबा मां भवानी की सेवा में लगे रहते हैं। पूजा-पाठ और आराधना से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका मंदिर की नियमित धार्मिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नवरात्र जैसे पावन अवसर पर मंदिर में मां की पूजा और आरती का विशेष महत्व रहता है।
मां भवानी के इस दरबार की पहचान यहां की पूजा परंपरा, प्रतिमा स्थापना नहीं होने की विशेषता, बलि प्रथा का अभाव और गौसेवा से जुड़े वातावरण से बनती है। श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान केवल दर्शन का केंद्र नहीं, बल्कि कुछ समय भक्ति और शांति के साथ बिताने का अवसर भी है।
नवरात्र में मां स्कंदमाता को नमन
नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। भक्त मां के इस स्वरूप की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। नवगछिया के श्री श्री 108 श्री जगतपति नाथ महादेव मंदिर सह गोपाल गौशाला परिसर स्थित मां भवानी के दरबार में भी श्रद्धालु इसी आस्था के साथ पहुंचते हैं।
महादेव के मंदिर, मां भवानी के दरबार, पोखर, खेत-खलिहान और गौसेवा से जुड़ा यह परिसर नवगछिया की धार्मिक और प्राकृतिक पहचान को एक साथ सामने लाता है। नवरात्र के इस पावन अवसर पर मां के चरणों में नमन करते हुए यही कामना है कि सभी के जीवन में सुख, शांति और सद्भाव बना रहे।
जीएस न्यूज़ परिवार की ओर से सभी श्रद्धालुओं को शारदीय नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएं।















