
एरियर भुगतान पर प्रबंधन की समयसीमा बीती, श्रम आयुक्त की बैठक भी रद्द
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। वादे पर वादा, लेकिन कामगारों के खाते में बकाया राशि का भुगतान कब? एनटीपीसी कहलगांव में एमजीआर (MGR) से जुड़े करीब 5 सौ कामगारों के वेतन और एरियर का मामला एक बार फिर गरमा गया है। बढ़ी हुई दर से एरियर भुगतान की मांग को लेकर चल रहा विवाद अब अनिश्चितकालीन हड़ताल की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। झारखंड मजदूर कल्याण संघ ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि कामगारों की मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो दुर्गा पूजा के बाद आंदोलन तेज किया जा सकता है। संघ के अनुसार, इस मामले से 500 से अधिक कामगार प्रभावित हैं।

मामले को सुलझाने के लिए 13 अक्टूबर 2026 को सहायक श्रम आयुक्त के समक्ष प्रस्तावित बैठक भी रद्द हो गई। इससे कामगारों की समस्याओं के समाधान को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है। वहीं, एनटीपीसी कहलगांव प्रबंधन ने पहले 28 सितंबर 2026 तक एरियर राशि के भुगतान के लिए समय लिया था। संघ का कहना है कि निर्धारित समयसीमा बीतने के बावजूद भुगतान का मुद्दा अब भी लंबित है।
झारखंड मजदूर कल्याण संघ के अनुसार, एमजीआर से संबंधित कामगारों के एरियर भुगतान को लेकर प्रबंधन के समक्ष लगातार मांगें उठाई जा रही हैं। भुगतान के लिए 28 सितंबर की समयसीमा तय होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से कामगारों में नाराजगी है।हालांकि, हड़ताल की अंतिम तारीख की औपचारिक घोषणा की जानकारी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल संघ की ओर से आंदोलन के संकेत दिए गए हैं।
एनटीपीसी कहलगांव में एमजीआर से संबंधित विभिन्न कार्यों में लगे कामगारों की मांगें लंबे समय से लंबित बताई जा रही हैं। इनमें असिस्टेंट पॉइंट्स मैन, एसएंडटी वर्कर, ब्रेक वैन गार्ड, डाटा एंट्री ऑपरेटर, एमजीआर कोयला अनलोडिंग वर्कर और हाउसकीपिंग वर्कर सहित अन्य श्रेणियों के कर्मचारी शामिल हैं। संघ का कहना है कि एकरारनामा के तहत बढ़ी हुई दर से मिलने वाली एरियर राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाना चाहिए। इसके अलावा जनवरी 2025 से बढ़ी हुई दर के एरियर का भुगतान भी सभी संबंधित कामगारों को कराने की मांग उठाई गई है।
झारखंड मजदूर कल्याण संघ ने कामगारों की समस्याओं के समाधान के लिए 10 बिंदुओं पर मांगें रखी हैं। एकरारनामा के तहत बढ़े हुए वेतन का एरियर, जनवरी 2025 से बकाया राशि एरियर का भुगतान कराया जाए, लंबित वेतन का भुगतान: असिस्टेंट पॉइंट्स मैन और ब्रेक वैन वर्कर के पिछले वर्षों के बकाया वेतन का भुगतान जल्द किया जाए, डाटा एंट्री ऑपरेटर को उचित वेतन,गेट वॉचमैन का बकाया वेतन, आश्रितों को काम की अनुमति, वेतन में समानता, श्रम कल्याण बोर्ड में प्रतिनिधित्व, एकरारनामा की शर्तों का पालन मुख्य है। संघ का कहना है कि इन मांगों का समाधान केवल आश्वासन देने से नहीं, बल्कि एकरारनामा के प्रावधानों को लागू करने और बकाया राशि का भुगतान करने से होगा।
झारखंड मजदूर कल्याण संघ के पूर्व विधायक सह केंद्रीय अध्यक्ष राजेश रंजन कामगारों की मांगों को लेकर आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं। संघ की ओर से जारी मांगपत्र में स्पष्ट किया गया है कि कामगारों के बकाया भुगतान और अन्य लंबित मुद्दों का जल्द समाधान होना चाहिए।
500 से अधिक कामगारों से जुड़े इस मामले में अब सबकी नजर प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर है। यदि भुगतान और अन्य मांगों को लेकर सहमति नहीं बनती है, तो दुर्गा पूजा के बाद औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका पैदा हो सकती है।
















