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@ पानी घटते ही बनेगी स्थायी कार्ययोजना : ऊर्जा मंत्री

20 एजेंसियां बचाव कार्य में जुटीं हैं

प्रदीप विद्रोही

भागलपुर। गंगा के भीषण कटाव से खरीक प्रखंड की राघोपुर पंचायत के छोटी अलालपुर में तबाही का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कटाव की चपेट में आकर दर्जनों पक्के मकान और ऐतिहासिक रेलवे तटबंध पहले ही प्रभावित हो चुके हैं। अब लत्तीपुर-जहान्वी चौक (14 नंबर) मुख्य सड़क के अस्तित्व पर भी संकट मंडराने लगा है। स्लुईस गेट के समीप मिट्टी का तेजी से धसान होने से इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर आवागमन बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। वहीं, छोटी अलालपुर में तीन दर्जन से अधिक पक्के मकानों की नींव लगातार खोखली हो रही है। ये सभी मकान पानी में झूल रहे हैं।

कटाव रोकने के लिए लगाए गए जियो बैग भी गंगा की तेज धारा के सामने बेअसर साबित हो रहे हैं।छोटी अलालपुर में कटाव की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई मकान चार से पांच फीट तक गंगा की ओर झुक चुके हैं। घरों के नीचे से लगातार मिट्टी खिसक रही है, जिससे उनके कभी भी जमींदोज होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन की हिदायत पर कई परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले चुके हैं। हालांकि, घरों से दूर रहने के बावजूद उनकी निगाहें अपने आशियानों पर टिकी हैं।
इधर, लत्तीपुर-जहान्वी चौक (14 नंबर) मुख्य सड़क के समीप गंगा का कटाव तेजी से बढ़ रहा है। स्लुईस गेट के पास मिट्टी धंसने से सड़क और आसपास की बड़ी आबादी के संपर्क मार्ग पर संकट गहरा गया है। यदि कटाव पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया गया, तो आवागमन बाधित होने के साथ क्षेत्र के लोगों की परेशानी भी बढ़ सकती है।

20 एजेंसियां बचाव कार्य में जुटीं:

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने करीब 20 एजेंसियों को फ्लड फाइटिंग कार्य में लगाया है। विभाग के कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार के अनुसार, 700 से 800 मीटर के संवेदनशील क्षेत्र में दिन-रात बचाव कार्य कराया जा रहा है। गंगा की धारा को नियंत्रित करने और कटाव रोकने के लिए जियो बैग, मेगा जियो बैग और एसी बैग का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्टीमर के माध्यम से भी बचाव सामग्री कटाव स्थल तक पहुंचाई जा रही है। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि जलस्तर में कमी आने से फिलहाल कटाव रुका हुआ है। हालांकि, जिन स्थानों पर मकान गंगा में विलीन हुए हैं, वहां नदी की गहराई करीब 72 फीट यानी 22 मीटर तक हो गई है। इतनी अधिक गहराई के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद भी ठोस पहल नहीं होने का आरोप भी ग्रामीण लगा रहे हैं।

पानी घटते ही बनेगी स्थायी कार्ययोजना : ऊर्जा मंत्री

राघोपुर में गंगा कटाव के गंभीर रूप अख्तियार करने पर बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेष कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि सरकार और संबंधित विभाग गांव की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग हैं और कटाव रोकने के लिए हरसंभव आपात प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जैसे ही गंगा का जलस्तर कम होगा, प्रभावित इलाके को सुरक्षित करने के लिए सरकार की ओर से एक समग्र और स्थायी कार्ययोजना धरातल पर उतारी जाएगी।उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले 13 वर्षों से गंगा की धारा के परिवर्तन को रोकने के लिए लगातार संघर्ष और प्रयास किए जाते रहे हैं। प्राकृतिक आपदाओं के सामने मानवीय सीमाएं जरूर होती हैं, लेकिन राघोपुर के अस्तित्व को बचाने के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

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