
@ 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम, हर पंडाल में अग्निशमन यंत्र और पानी-बालू रखने का निर्देश; 3 मीटर ऊंचे पंडाल और चारों ओर 4 मीटर खाली जगह अनिवार्य।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। दुर्गा पूजा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और आकर्षक सजावट के बीच आगजनी की आशंका को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा का खाका तैयार कर लिया है। पूजा के उल्लास में किसी तरह की अनहोनी न हो, इसके लिए जिले में 23 दमकल गाड़ियों की तैनाती की जाएगी। वहीं, आपात स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाने के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा। विभाग ने साफ कर दिया है कि पूजा पंडालों की भव्यता के साथ सुरक्षा मानकों का पालन भी अनिवार्य होगा।
जिला अग्निशमन पदाधिकारी रमन राज के नेतृत्व में पूजा पंडालों का निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान पूजा समितियों को आग से बचाव के उपायों, बिजली की सुरक्षित व्यवस्था और आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की निकासी को लेकर आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। विभाग की कोशिश है कि आग लगने की नौबत आने से पहले ही संभावित खतरों को दूर कर लिया जाए।

सजावट में चूक न पड़े भारी, पंडाल निर्माण के लिए तय किए मानक
पूजा पंडालों में बिजली की रोशनी, सजावटी सामान और अस्थायी वायरिंग आग लगने का कारण बन सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अग्निशमन विभाग ने पंडाल निर्माण के लिए स्पष्ट मानक निर्धारित किए हैं। निर्देश के अनुसार, पंडाल की ऊंचाई कम से कम तीन मीटर होनी चाहिए, जबकि उसके चारों ओर चार मीटर तक खाली जगह रखना जरूरी बताया गया है।
इसका उद्देश्य आग लगने की स्थिति में दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने, राहत कार्य चलाने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना है। पंडाल के आसपास अनावश्यक सामान रखकर रास्तों को बाधित नहीं करने की भी हिदायत दी गई है।
22 बिंदुओं पर पूजा समितियों को समझाई गई सुरक्षा की जिम्मेदारी

दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच अग्निशमन विभाग ने आठ अक्टूबर को पूजा समितियों के अध्यक्षों के साथ बैठक की थी। इसमें अनुसूची ‘अंग’ के तहत कुल 22 बिंदुओं पर सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए गए। पंडाल निर्माण से लेकर बिजली की वायरिंग, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और आपात स्थिति में बचाव की व्यवस्था तक पर चर्चा की गई।
विभाग ने आयोजकों को आगाह किया है कि सुरक्षा इंतजाम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। पंडाल में प्रवेश और निकास के रास्ते व्यवस्थित रखने के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकलने में परेशानी न हो।
हर पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पानी और बालू रखना जरूरी
अग्निशमन विभाग ने सभी पूजा समितियों को प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पानी से भरे ड्रम और बालू की व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही उसे नियंत्रित करने का प्रयास किया जा सके।
बिजली की व्यवस्था में विशेष सावधानी बरतने पर भी जोर दिया गया है। विभाग के अनुसार, पंडालों में लगाए गए बिजली के तारों की जांच की जानी चाहिए। खुले जोड़, खराब उपकरण और असुरक्षित वायरिंग बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। इसलिए आयोजकों को सजावट और रोशनी की व्यवस्था करते समय सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।
23 दमकल गाड़ियां रहेंगी तैयार, सूचना मिलते ही होगी कार्रवाई
दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दमकल गाड़ियों को निर्धारित स्थानों पर तैनात करने की तैयारी है। इससे आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन दल को मौके पर भेजा जा सकेगा। साथ ही, 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम आपातकालीन सूचना और कार्रवाई के समन्वय में अहम भूमिका निभाएगा।
विभाग की अपील: उत्सव के बीच सुरक्षा को न करें नजरअंदाज
अग्निशमन विभाग ने पूजा समितियों और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग का मानना है कि भीड़भाड़ वाले पूजा पंडालों में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। ऐसे में सुरक्षित बिजली व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और रास्तों को खुला रखना बेहद जरूरी है।















