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पूर्णिया । बिहार सरकार के लघु जल संसाधन विभाग के सचिव सह पूर्णिया जिला के प्रभारी सचिव श्री बी. कार्तिकेय धनजी (भा.प्र.से.) ने मंगलवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित सरकारी सहयोग शिविरों का निरीक्षण कर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा की तथा अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सहयोग शिविरों में प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का विभागीय मानक प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

प्रभारी सचिव ने अपने भ्रमण कार्यक्रम की शुरुआत प्रखंड डगरूआ अंतर्गत महथोर पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन में आयोजित सहयोग शिविर का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते हुए की। इस अवसर पर प्रभारी जिला पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त अंजनि कुमार, पुलिस अधीक्षक सुश्री स्वीटी सहरावत (भा.पु.से.), अपर समाहर्ता सह नोडल पदाधिकारी रवि राकेश, डीआरडीए निदेशक अमरेंद्र सिन्हा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्वेतम दीक्षित, बायसी अनुमंडल पदाधिकारी अभिषेक रंजन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी जिला पदाधिकारी ने सचिव महोदय को पौधा भेंट कर उनका स्वागत एवं सम्मान किया।

इसके बाद सचिव महोदय ने प्रखंड कसबा के संझैली पंचायत तथा प्रखंड जलालगढ़ के अकम्बा पंचायत सरकार भवन में आयोजित सहयोग शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविरों में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कई लाभुकों को जन्म प्रमाण पत्र, जॉब कार्ड, ई-श्रम कार्ड तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्वीकृति पत्र प्रदान किए। उन्होंने लाभुकों से बातचीत कर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी भी ली।

सचिव महोदय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सहयोग शिविरों का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इसलिए सभी विभाग गंभीरता के साथ प्राप्त आवेदनों का निष्पादन करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

उन्होंने विशेष रूप से लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि नल-जल योजना से संबंधित शिकायतों एवं बंद पड़े चापाकलों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं होगी।

प्रभारी सचिव ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सहयोग शिविरों में प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करें। यदि किसी स्तर पर विभागीय मानक प्रक्रिया के अनुरूप कार्य नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे सरकार द्वारा आयोजित सहयोग शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा अपनी समस्याओं और शिकायतों से संबंधित आवेदन शिविरों में देकर सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।

सहयोग शिविरों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाए तथा प्रत्येक पात्र लाभुक को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य आम जनता को उनके घर के समीप ही विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना तथा शिकायतों के त्वरित समाधान के माध्यम से सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाना है।

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