


एक कंपनी में 3 प्लाटून और 47-47 पुलिसकर्मियों की होगी तैनाती, 6 वाहन किए जाएंगे उपलब्ध
पूर्णिया । राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा दंगा, उपद्रव, उग्र प्रदर्शन एवं साम्प्रदायिक तनाव जैसी आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से पूर्णिया में जिला स्तरीय ‘एंटी रायट फोर्स’ (District Anti Riot Force-DARF) का गठन किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय के निर्देश के अनुसार राज्य के सभी जिलों में इस विशेष दस्ते के गठन का निर्णय लिया गया है।

पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार पूर्णिया जिले को श्रेणी ‘B’ में रखा गया है। जिले में एक कंपनी DARF का गठन किया जाएगा, जिसके लिए छह वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर यह विशेष दस्ता त्वरित रूप से घटनास्थल पर पहुंचकर वरीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशन और समन्वय में कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डीएसपी स्तर के अधिकारी होंगे प्रभारी
जिला स्तर पर गठित DARF के प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) होंगे। वे दस्ते की तैनाती, अनुशासन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, प्रशिक्षण तथा कार्रवाई से संबंधित अभिलेखों के संधारण के लिए उत्तरदायी होंगे।
प्रशिक्षित एवं सुसज्जित होगा विशेष दस्ता
DARF में प्रशिक्षित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ महिला पुलिसकर्मी, लाठी दस्ता, अश्रु गैस दस्ता, सशस्त्र बल, चिकित्सा एवं एंबुलेंस सहायता दल, वीडियोग्राफी कर्मी, संचार कर्मी, रिजर्व बल तथा वायरलेस ऑपरेटर शामिल होंगे। इससे किसी भी आकस्मिक कानून-व्यवस्था की स्थिति में विभिन्न टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
एक कंपनी में होंगे तीन प्लाटून
एक कंपनी में तीन प्लाटून होंगे। प्रत्येक प्लाटून में 47 पुलिसकर्मियों की तैनाती की व्यवस्था होगी। इनमें अश्रु गैस, लाठी एवं सशस्त्र बल सहित आवश्यक कर्मी शामिल होंगे। प्रत्येक कंपनी को एक बस और एक ट्रक सहित कुल छह वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
विशेष प्रशिक्षण और रिफ्रेशर कोर्स
DARF के लिए चयनित प्रशिक्षकों, जिनमें सार्जेंट मेजर एवं अवर निरीक्षक स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे, को Rapid Action Force Academy for Public Order (RAPO), मेरठ में ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ (ToT) कराया जाएगा।
प्रशिक्षित ट्रेनर्स द्वारा संबंधित जिलों के पुलिस केंद्रों में DARF के कर्मियों को एक माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा बल की दक्षता एवं तत्परता बनाए रखने के लिए प्रत्येक तीन माह पर एक सप्ताह का रिफ्रेशर प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा।
राज्य में 49 कंपनियों और 294 वाहनों का प्रावधान
पुलिस मुख्यालय, पटना की ओर से राज्य के जिलों को A, B एवं C श्रेणियों में विभाजित कर DARF के गठन के लिए बल एवं वाहनों का आवंटन किया गया है। राज्य स्तर पर कुल 49 कंपनियों और 294 वाहनों का प्रावधान किया गया है।
पूर्णिया के अलावा श्रेणी ‘B’ में मधेपुरा, नालंदा, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, वैशाली, सीतामढ़ी, सीवान, गोपालगंज, सहरसा, सुपौल, कटिहार, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर, जमुई एवं खगड़िया जिले शामिल हैं। इन जिलों को एक-एक कंपनी और छह-छह वाहनों का आवंटन किया गया है।
20 मिनट के भीतर घटनास्थल के लिए रवाना होगा दस्ता
किसी भी दंगा, उपद्रव अथवा गंभीर कानून-व्यवस्था संबंधी घटना की सूचना प्राप्त होते ही जिला नियंत्रण कक्ष द्वारा तत्काल संदेश प्रसारित किया जाएगा। सूचना मिलने के 20 मिनट के भीतर DARF को निर्धारित घटनास्थल के लिए रवाना करने की व्यवस्था की गई है।
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद DARF वहां मौजूद वरीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। इसके माध्यम से स्थिति को नियंत्रित करने, आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने DARF के गठन को जिले की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, कानून-व्यवस्था प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
















