


मंत्री ई शैलेन्द्र ने पहुंचकर परखी सेवा की हकीकत
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सावन की तपिश और लंबी पैदल यात्रा के बीच कांवड़ियों को राहत देने के लिए सुल्तानगंज-देवघर मार्ग पर पथ निर्माण विभाग का सेवा शिविर अब श्रद्धालुओं के लिए सहारा बन रहा है। मंगलवार को सावन के 20वें दिन पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार खुद नोनसर स्थित जर्मन हैंगर शिविर पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मंत्री ने शिविर में ठहरे कांवड़ियों से सीधे बातचीत की और पूछा कि रास्ते में उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर ही निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए।

चाय से शरबत तक, थके कदमों को राहत:
सेवा शिविर में कांवड़ियों के लिए निशुल्क चाय, पानी और शरबत की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा फल और प्रसाद भी वितरित किया जा रहा है। तपती गर्मी में पैदल यात्रा कर रहे शिवभक्त यहां कुछ देर रुककर आराम कर रहे हैं और फिर देवघर की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
पहली बार सड़क विभाग ने संभाली सेवा की जिम्मेदारी:
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बताया कि सावन के पूरे महीने सुल्तानगंज में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचते हैं। गंगा से जल लेकर वे देवघर की यात्रा पर निकलते हैं। कांवड़ियों की सुविधा को देखते हुए पथ निर्माण विभाग ने पहली बार अपना सेवा शिविर लगाया है।
उन्होंने कहा कि लंबी पैदल यात्रा और गर्मी के बीच श्रद्धालुओं को थोड़ी राहत मिल सके, यही इस पहल का उद्देश्य है।
सफाई और पानी पर विशेष नजर:
मंत्री ने कर्मचारियों को साफ-सफाई, पेयजल और दूसरी जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उनका निर्देश था कि शिविर में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो और जरूरत के मुताबिक तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मौके पर सांसद प्रतिनिधि पवन केसान, भाजपा महामंत्री अभिषेक कुमार, सौपलिन झा, कुमार मंगलम समेत एनडीए के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यानी इस बार सड़क बनाने वाला विभाग सिर्फ सड़क पर नजर नहीं रख रहा, बल्कि उसी सड़क से गुजर रहे शिवभक्तों की थकान भी बांट रहा है।
















