
समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी के सानिध्य में चल रही साधना और ध्यान की गतिविधियाँ, आचार्य अंशु जी ने कराया परामृत्युयोग का अभ्यास
रोहतास । समर्थगुरु कर्मा धाम आश्रम में कर्मा महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी के सानिध्य में आयोजित इस महोत्सव में 12 राज्यों और नेपाल से आए करीब 300 साधक साधना कर रहे हैं। आश्रम में साधना के साथ विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के पहले दिन साधकों ने ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यासों में भाग लिया।
परामृत्युयोग की साधना से कराया गया परिचय
महोत्सव के प्रथम दिन आचार्य अंशु जी ने साधकों को परामृत्युयोग की साधना कराई। आयोजकों के अनुसार, इस साधना में शरीर से बाहर चेतना की यात्रा का अनुभव कराने के लिए विशेष अभ्यास कराया जाता है। लगभग डेढ़ घंटे के इस सत्र में करीब 40 मिनट तक साधकों को इस अनुभव से संबंधित प्रयोग कराया गया।

इस साधना का उद्देश्य साधकों को मृत्यु के भय से मुक्त होने और आत्मज्ञान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना बताया गया। आध्यात्मिक अभ्यास के माध्यम से साधक अपने भीतर की चेतना और जीवन के गहरे अर्थ को समझने का प्रयास करते हैं।
ध्यान योग और प्रेम प्रज्ञा के कार्यक्रम
कर्मा महोत्सव के शुरुआती तीन दिनों में ध्यान योग और प्रेम प्रज्ञा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से साधकों को ध्यान, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक साधना के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जा रहा है। समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी के सानिध्य में साधक इन गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।

स्कूली बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुति
महोत्सव के अवसर पर त्रिविर पब्लिक स्कूल के बच्चों ने शानदार प्रस्तुति दी। बच्चों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। आध्यात्मिक साधना और सांस्कृतिक गतिविधियों के संगम से आश्रम में उत्सव का माहौल बना हुआ है।
कर्मा महोत्सव में विभिन्न राज्यों और नेपाल से आए साधकों की भागीदारी इसे विशेष बना रही है। साधना, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से महोत्सव में शामिल लोग आत्मचिंतन और आध्यात्मिक अनुभव की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।















