


विकास की नई इबारत लिखने की शुरुआत की
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। विकास केवल भवनों और संसाधनों से नहीं, बल्कि विचारों और सहभागिता से होता है। इसी सोच को साकार करते हुए सबौर महाविद्यालय, सबौर ने ‘विकास संवाद’ के माध्यम से अपने भविष्य की नई दिशा तय करने की पहल की। इस अनूठे आयोजन में पूर्व प्राचार्य, शिक्षाविद, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, पूर्व छात्र और बुद्धिजीवी एक मंच पर जुटे और महाविद्यालय के समग्र विकास के लिए अपने सुझाव साझा किए।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा प्रस्तुत वंदे मातरम्, कुलगीत और स्वागत-गान से हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और औषधीय पौधा भेंट कर स्वागत किया।
अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा ने कहा कि महाविद्यालय कठिन दौर से निकलकर विकास के नए चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान के भविष्य की रूपरेखा केवल प्रशासन नहीं, बल्कि समाज, पूर्व छात्रों और शिक्षाविदों की सहभागिता से तैयार होगी। उन्होंने सभी वर्गों से रचनात्मक सुझाव देने का आह्वान किया।
बैठक में सबसे अधिक जोर महाविद्यालय की भूमि की सुरक्षा, आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, स्मार्ट क्लासरूम, सीसीटीवी, खेल मैदान, स्वाध्याय केंद्र, कैंटीन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था विकसित करने पर दिया गया।
सबौर नपं अध्यक्ष एवं पूर्व छात्र दीपशिखानंद परिना ने महाविद्यालय की भूमि की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उपाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार ने भी नगर पंचायत की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
पूर्व छात्रा एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. श्वेता भारती, डॉ. प्रसून प्रकाश, रामायण शास्त्री, रविभूषण मंडल, सुजीत कुमार झा ने संस्थान के लिए हर दायित्व निभाने की प्रतिबद्धता जताई। पूर्व उपाचार्य डॉ. प्रभास कुमार राजहंस ने पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखा।
पूर्व प्राचार्यों ने भी अपने अनुभव साझा किए। डॉ. वरुण कुमार मिश्रा, डॉ. अशोक कुमार झा, डॉ. कामिनी शुक्ला, डॉ. मिहिर मोहन मिश्रा ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थापक प्राचार्य डॉ. मणिनाथ चौधरी ने की। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. मयंक वत्स ने किया। अंत में प्राचार्य ने प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।

















