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खोए कांवरियों की तलाश से लेकर भीड़ प्रबंधन तक, 110 सीसीटीवी कैमरे और स्मार्ट ऐप से लैस होगा सुल्तानगंज श्रावणी मेला

प्रदीप विद्रोही

भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध सुल्तानगंज श्रावणी मेले में इस वर्ष श्रद्धालुओं को सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा। पहली बार मेले में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फेस रिकॉग्निशन सिस्टम, पीपल काउंटिंग तकनीक, आधुनिक सीसीटीवी निगरानी और स्मार्ट मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा। जिला प्रशासन का दावा है कि इस तकनीक से भीड़ प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और बिछड़े श्रद्धालुओं को कम समय में खोजने में मदद मिलेगी।

प्रशासन द्वारा तैयार की जा रही योजना के अनुसार मेले में AI आधारित पीपल काउंटिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जो मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का रियल टाइम डेटा उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही फेस रिकॉग्निशन तकनीक की मदद से भीड़ की निगरानी और जरूरत पड़ने पर लोगों की पहचान करने में भी सहायता मिलेगी। बताया जा रहा है कि 6 जुलाई तक एजेंसी का चयन कर तकनीकी व्यवस्था स्थापित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

AI रखेगा श्रद्धालुओं की संख्या पर नजर

धांधी-बेलारी और सुल्तानगंज ओवरब्रिज के समीप AI आधारित पीपल काउंटिंग मशीनें स्थापित की जाएंगी। ये मशीनें लगभग सात किलोमीटर के दायरे में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का रियल टाइम रिकॉर्ड तैयार करेंगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे किसी भी समय मेले में मौजूद भीड़ का सटीक आकलन किया जा सकेगा और आवश्यकता पड़ने पर भीड़ नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाए जा सकेंगे।

बिछड़े कांवरियों को ढूंढने में मिलेगी तकनीकी मदद

श्रावणी मेले में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं। इस बार ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए फेस रिकॉग्निशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यदि कोई श्रद्धालु लापता होता है और उसकी सूचना कंट्रोल रूम तक पहुंचती है, तो उपलब्ध फोटो के आधार पर कैमरों में रिकॉर्ड तस्वीरों का मिलान कर उसकी तलाश में तकनीकी सहायता ली जाएगी। इससे खोया-पाया व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।

110 हाईटेक कैमरों से होगी चौबीसों घंटे निगरानी

मेले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 48 संवेदनशील स्थलों पर कुल 110 आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें बुलेट कैमरे, डोम कैमरे तथा पीटीजेड (Pan-Tilt-Zoom) कैमरे शामिल होंगे, जो दूर तक गतिविधियों की निगरानी करने में सक्षम होंगे। इसके अलावा छह प्रमुख स्थानों से लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे जिला प्रशासन और नियंत्रण कक्ष लगातार पूरे मेले की स्थिति पर नजर रख सकेंगे।

मोबाइल ऐप बनेगा श्रद्धालुओं का डिजिटल साथी

श्रावणी मेला ऐप का नया संस्करण भी इस बार कई नई सुविधाओं के साथ उपलब्ध कराया जाएगा। श्रद्धालु अपने मोबाइल पर ही मेला क्षेत्र का रूट मैप, पार्किंग स्थल, टेंट सिटी, पुलिस सहायता केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, एंबुलेंस सेवा, पेयजल, शौचालय, स्नानघर, धर्मशाला, भीड़ की लाइव स्थिति, आरती, वर्चुअल पूजा तथा सभी आवश्यक आपातकालीन संपर्क नंबरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहेगा।

तकनीक के साथ बदलेगा मेले का स्वरूप

अब तक श्रावणी मेले में खोया-पाया केंद्र, मुनादी और पारंपरिक व्यवस्था ही श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ा सहारा हुआ करती थी। लेकिन इस बार आधुनिक तकनीक को शामिल कर मेले की सुरक्षा और प्रबंधन को नई दिशा देने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि यदि यह व्यवस्था सफल रही तो सुल्तानगंज श्रावणी मेला देश के सबसे आधुनिक और तकनीक-सक्षम धार्मिक आयोजनों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन, भीड़ नियंत्रण और त्वरित सहायता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की यह पहल श्रावणी मेले को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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