
@ किसानों के बीच 100 जरदालू आम के पौधों का वितरण, उन्नत बागवानी तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर की पहल पर भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड स्थित पंसल्ला गांव को ‘जरदालू आम ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम के तहत गांव में जरदालू आम के पौधों का रोपण किया गया। साथ ही किसानों के बीच 100 आम के पौधों का वितरण किया गया।

कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता सुल्तानगंज के विधायक डॉ. ललित नारायण मंडल एवं बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एम. हक ने की। इस पहल का उद्देश्य भागलपुर के प्रसिद्ध जरदालू आम की पहचान को और मजबूत करना, किसानों तक उन्नत बागवानी तकनीकों को पहुंचाना तथा उनकी आय में वृद्धि के साथ ग्रामीण आजीविका को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के निदेशक प्रशासन डॉ. राजेश कुमार, निदेशक छात्र कल्याण डॉ. श्वेता शम्भावी, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर. के. सोहाने, निदेशक कार्य एवं संकाय ई. के. एस. रमन, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर डॉ. जे. एन. श्रीवास्तव तथा अधिष्ठाता कृषि डॉ. संजय कुमार उपस्थित रहे।
इसके अलावा बिहार कृषि महाविद्यालय की एसोसिएट डीन-कम-प्रिंसिपल डॉ. रूबी रानी, पंसल्ला गांव के मुखिया चंदन कुमार, ‘मैंगो मैन ऑफ बिहार’ के नाम से प्रसिद्ध अशोक कुमार चौधरी तथा विश्वविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता (कृषि) डॉ. मुक्तेश्वर कुमार ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

विश्वविद्यालय की इस पहल से पंसल्ला गांव में जरदालू आम की खेती को प्रोत्साहन मिलने, बागवानी के प्रति किसानों की रुचि बढ़ने तथा क्षेत्र में आम आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय किसानों को बागवानी के क्षेत्र में प्रोत्साहित कर कृषि विकास और किसान समृद्धि की दिशा में प्रयास कर रहा है।















