


नवगछिया पुलिस जिले के बिहपुर थाना पुलिस व एसटीएफ ने अपराध एवं अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को थाना क्षेत्र के टेकबाजपुर दियारा में संचालित एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने हथियार बनाने में जुटे चार कारीगरों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मौके से भारी मात्रा में तैयार एवं अर्द्धनिर्मित देशी हथियार, जिंदा कारतूस, मैगजीन, हथियार निर्माण में प्रयुक्त मशीनें तथा अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार टेकबाजपुर दियारा क्षेत्र में लंबे समय से गुप्त रूप से अवैध हथियार निर्माण किए जाने की सूचना मिल रही थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दियारा क्षेत्र में छापेमारी की, जहां एक अस्थायी ठिकाने पर हथियार तैयार किए जा रहे थे। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन घेराबंदी कर चारों आरोपितों को मौके से ही दबोच लिया गया।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मिर्जापुर बरदह निवासी मोहम्मद अजीज के पुत्र मो. फैयाज, मो. सेसिल उर्फ अमीर के पुत्र मोहम्मद ओबेद, मो. मोकिम के पुत्र मोहम्मद छेदी उर्फ तुफैल तथा भागलपुर जिले के ललमटिया थाना क्षेत्र के दिलदारपुर निवासी तनिक लाल मंडल के पुत्र पप्पू मंडल उर्फ प्रमोद कुमार के रूप में हुई है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 11 तैयार देशी पिस्टल, चार अर्द्धनिर्मित देशी पिस्टल, .32 बोर के दो जिंदा कारतूस, 15 अतिरिक्त मैगजीन, छह बेस मशीन, एक हैंड ड्रिल मशीन, एक दोपहिया वाहन, चार मोबाइल फोन तथा हथियार निर्माण में प्रयुक्त बड़ी मात्रा में अन्य उपकरण और सामग्री बरामद की है। बरामद हथियारों और उपकरणों को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यहां तैयार किए जाने वाले हथियारों की आपूर्ति विभिन्न जिलों में सक्रिय अपराधियों तक की जाती थी। हालांकि पुलिस इस बिंदु पर गहनता से जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध फैक्ट्री का संचालन कब से किया जा रहा था, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं तथा हथियारों की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में की जाती थी।
पुलिस ने बताया कि चारों आरोपितों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। साथ ही उनका आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इनका संबंध किसी अंतरजिला या अंतरराज्यीय हथियार तस्कर गिरोह से तो नहीं है।
बिहपुर पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द ही उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
















