


Bihar के Araria जिले के 71 बच्चों को Odisha के कटक से रेस्क्यू किए जाने के बाद गुरुवार देर रात अररिया लाया गया। सभी बच्चों को बस से लाकर समाहरणालय परिसर स्थित बाल कल्याण समिति (CWC) कार्यालय में रखा गया, जहां काउंसलिंग और दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया गया।
बाल कल्याण समिति अररिया के अध्यक्ष Deepak Kumar Verma ने बताया कि सभी बच्चों को सुरक्षित वापस लाया गया है। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और परिजनों के दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद बच्चों की जिम्मेदारी परिवारों को सौंप दी गई।
पढ़ाई के लिए मदरसा जाने वाले थे बच्चे
परिजनों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं Mudassim तथा Mohammad Asik Ahmad ने बताया कि हर साल ईद के बाद पंचायत के कई बच्चे पढ़ाई के लिए मदरसा जाते हैं। इस बार भी बच्चे उसी उद्देश्य से उड़ीसा जा रहे थे, लेकिन वहां उन्हें रोक लिया गया।
अभिभावकों के अनुसार, पंचायत के करीब 40 से 50 बच्चे इस घटना से प्रभावित हुए। लगभग दो महीने तक बच्चों और उनके परिवारों को मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान बच्चे डरे-सहमे रहे, जबकि परिवार लगातार चिंता में रहे।
बच्चों को रोके जाने पर अभिभावकों में नाराजगी
घटना को लेकर अभिभावकों में नाराजगी देखी गई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि Kota में हजारों बच्चे निजी कोचिंग संस्थानों में पढ़ने जाते हैं, जहां किसी विशेष दस्तावेज की मांग नहीं होती। इसके विपरीत यहां हर साल मुखिया, सरपंच या वार्ड सदस्य के लेटर पैड पर सत्यापन के बाद बच्चों को भेजा जाता रहा है, फिर भी इस बार उन्हें रोक दिया गया।
















