


1939 से संचालित स्कूल के सामने गंदगी से छात्र-शिक्षक परेशान, परीक्षा केंद्र पर भी दुर्गंध का असर
भागलपुर। भागलपुर शहर के नाथनगर स्थित एक ऐतिहासिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर लगे कचरे के ढेर ने दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नाथनगर रेलवे स्टेशन रोड स्थित वर्ष 1939 से संचालित सुखराज उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रवेश द्वार के सामने लंबे समय से कचरा डंप किए जाने से छात्र, शिक्षक और स्थानीय लोग परेशान हैं।
विद्यालय न केवल क्षेत्र का प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है, बल्कि मैट्रिक, इंटरमीडिएट एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का परीक्षा केंद्र भी बनाया जाता रहा है। वर्तमान में भी यहां बीएससी नर्सिंग परीक्षा का केंद्र बनाया गया है, जहां दूर-दराज से विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंच रहे हैं। लेकिन विद्यालय के मुख्य गेट पर फैली गंदगी और दुर्गंध के कारण परीक्षार्थियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय के सामने जमा कचरे से उठने वाली बदबू के कारण छात्रों को पढ़ाई के दौरान परेशानी होती है। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। दुर्गंध के कारण कई बार छात्र-छात्राओं की तबीयत खराब होने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
लोगों का कहना है कि विद्यालय परिसर में बच्चों को स्वच्छता और स्वास्थ्य का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन विद्यालय के मुख्य द्वार पर ही कचरे का अंबार लगा होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।
अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं नगर निगम से अविलंब कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा केंद्र और विद्यालय के आसपास से कचरा हटाकर नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सफाई नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से विद्यालय परिसर के आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए ठोस एवं स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
















