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बुद्धूचक पिलर संख्या-6 के पास गंगा में लगाया गया था जाल, वन विभाग ने पुलिस के सहयोग से की कार्रवाई

नवगछिया/भागलपुर। विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी क्षेत्र में गंगा नदी में अवैध रूप से लगाए जा रहे प्रतिबंधित जाल के विरुद्ध वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए लगभग 50 किलोग्राम जाल जब्त किया है। यह कार्रवाई 11 अक्टूबर 2026 को गोपालपुर प्रखंड के बुद्धूचक स्थित पिलर संख्या-6 के पास की गई। वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि आश्रयणी क्षेत्र में गंगा घाट के किनारे अज्ञात मछुआरों द्वारा प्रतिबंधित जाल लगाया गया है। सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने गोपालपुर थाना पुलिस के सहयोग से मौके पर पहुंचकर जांच की और गंगा में लगाए गए जाल को जब्त कर लिया।

गुप्त सूचना पर गठित की गई टीम

वन विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, भागलपुर के वन प्रमंडल पदाधिकारी आशुतोष राज को 11 अक्टूबर को सूचना प्राप्त हुई कि विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी के अंतर्गत गोपालपुर प्रखंड के बुद्धूचक पिलर संख्या-6 के पास गंगा में प्रतिबंधित जाल लगाया गया है।

सूचना मिलते ही नवगछिया के वन क्षेत्र पदाधिकारी कुमार गौतम के नेतृत्व में कार्रवाई की तैयारी की गई। वन परिसर पदाधिकारी, बिहपुर विजय कुमार सिंह ने गोपालपुर थाना पुलिस से सहयोग प्राप्त कर वन विभाग की जब्ती टीम गठित की। इसके बाद टीम संबंधित स्थल पर पहुंची और छानबीन शुरू की।

जांच के दौरान आश्रयणी क्षेत्र में गंगा नदी में प्रतिबंधित जाल लगा हुआ पाया गया। वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लगभग 50 किलोग्राम जाल को गंगा से निकालकर जब्त कर लिया। हालांकि, जाल लगाने वाले अज्ञात मछुआरों की पहचान के संबंध में विज्ञप्ति में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

डॉल्फिन आश्रयणी में प्रतिबंधित जाल के विरुद्ध सख्ती

वन प्रमंडल पदाधिकारी आशुतोष राज ने बताया कि विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी क्षेत्र में गंगा नदी में लगाए जा रहे प्रतिबंधित जाल के मामले में वन विभाग शून्य सहनशीलता की नीति अपना रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आश्रयणी क्षेत्र में अवैध रूप से प्रतिबंधित जाल लगाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी गंगा नदी में गांगेय डॉल्फिन सहित जलीय जीवों के संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में नदी में प्रतिबंधित जाल का इस्तेमाल जलीय जीवों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। वन विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य आश्रयणी क्षेत्र में संरक्षण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

मछुआरों से प्रतिबंधित जाल हटाने की अपील

वन प्रमंडल भागलपुर की ओर से संबंधित मछुआरों से अपील की गई है कि वे गंगा नदी में लगाए गए प्रतिबंधित जाल को तत्काल हटा लें। विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित जाल मिलने पर उसे जब्त करने के साथ संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग ने आश्रयणी क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। विभाग का जोर है कि गंगा नदी में जलीय जीवों के संरक्षण के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जाए तथा प्रतिबंधित जाल के इस्तेमाल से बचा जाए।

वन विभाग की टीम रही मौजूद

इस जब्ती अभियान में वन परिसर पदाधिकारी, बिहपुर विजय कुमार सिंह के साथ शिवम कुमार, राजीव कुमार, कुंदन कुमार, राकेश कुमार यादव, कल्पना कुमारी, प्रिया कुमारी एवं वन विभाग के अन्य कर्मी शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान गोपालपुर थाना पुलिस का भी सहयोग लिया गया।

वन विभाग की इस कार्रवाई से विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी क्षेत्र में प्रतिबंधित जाल के इस्तेमाल पर रोक लगाने के प्रयासों को बल मिला है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि गंगा नदी और उसमें रहने वाले जलीय जीवों के संरक्षण के लिए अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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