


पूर्णिया: वित्तरहित शिक्षा नीति समाप्त करने तथा वित्तरहित शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के नियमित समायोजन की मांग को लेकर 15 जुलाई को सुबह 11 बजे पूर्णिया समाहरणालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सह कटिहार प्रभारी बिजेंद्र यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक एवं संविधान सम्मत तरीके से आयोजित किया जाएगा। धरना में प्रदेश कांग्रेस सेवादल के कार्यकारी मुख्य संगठक संजय कुमार, अफरोज साहब, रुचि सिंह सहित कांग्रेस सेवादल के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल होंगे।
बिजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य में वर्षों से लागू वित्तरहित शिक्षा नीति के कारण हजारों शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी आर्थिक एवं सामाजिक असुरक्षा के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा तथा अन्य वैधानिक सुविधाओं से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और शिक्षकों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए इस नीति को तत्काल समाप्त करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के पक्षधर रहे हैं। इसी सोच के अनुरूप कांग्रेस सेवादल सरकार से वित्तरहित शिक्षा नीति समाप्त कर शिक्षकों के साथ न्याय करने की मांग कर रहा है।
धरना के माध्यम से सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखी जाएंगी, जिनमें वित्तरहित शिक्षा नीति को तत्काल समाप्त करना, वित्तरहित कॉलेजों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों का नियमित समायोजन, समान कार्य के लिए समान वेतन एवं नियमित वेतनमान लागू करना तथा वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को सभी वैधानिक सुविधाएं एवं सेवा सुरक्षा प्रदान करना शामिल है।
बिजेंद्र यादव ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान और उनकी आर्थिक सुरक्षा ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव है। उन्होंने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए जिले के शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मियों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में धरना कार्यक्रम में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।
















