


नाव, भोजन, पेयजल और शौचालय के लिए तरस रहे लोग; चंदा जुटाकर बनाई सड़क भी तेज बहाव में कटकर बहने लगी
नवगछिया : गंगा के बढ़ते जलस्तर ने तिनटंगा दियारा दक्षिण पंचायत के झल्लू दास टोला स्थित उसरैया गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रंगरा से कालूचक जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ने के बाद पूरा गांव जलमग्न हो गया है। चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। ग्रामीणों के सामने आवागमन के साथ-साथ भोजन, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीण उमेश मंडल, वीरो मंडल, देवकी देवी, रीता देवी, रानी देवी, कंचन देवी और सपना देवी ने बताया कि बाढ़ के कारण घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जरूरी सामान लाने के लिए भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी सबसे अधिक बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सरकारी नाव, भोजन, स्वच्छ पेयजल और अस्थायी शौचालय की व्यवस्था कराने की मांग की है।
चंदा जुटाकर बनाई थी सड़क, अब आंखों के सामने बह रही
ग्रामीण सोनू कुमार, संजीव कुमार मंडल और शंकर कुमार ने बताया कि गांव में सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण लोग वर्षों से परेशानी झेल रहे थे। सरकारी सहायता नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाया और अपनी मेहनत की कमाई से मिट्टी खरीदकर सड़क पर भराई कराई। बोरे डालकर किसी तरह आवागमन योग्य रास्ता तैयार किया गया था।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए उन्हें मुखिया या सरकार की ओर से कोई आर्थिक सहयोग नहीं मिला था। ग्रामीणों ने अपनी जरूरत को देखते हुए स्वयं राशि जुटाकर रास्ता तैयार किया था। लेकिन अब गंगा के तेज बहाव में वही सड़क जगह-जगह कटकर बहने लगी है। अपनी खून-पसीने की कमाई से तैयार किए गए रास्ते को आंखों के सामने पानी में समाते देख ग्रामीणों का दर्द छलक रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क दोबारा तैयार करने के लिए न तो उनके पास आर्थिक संसाधन हैं और न ही फिलहाल कोई दूसरा विकल्प। बाढ़ का पानी और तेज बहाव उनके लिए आवागमन का संकट और बढ़ा रहा है।
आश्वासन नहीं, तत्काल राहत की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि इस समय उन्हें सबसे पहले नाव, भोजन और स्वच्छ पेयजल की आवश्यकता है। शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गांव पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने तथा तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
साथ ही, बाढ़ का पानी उतरने के बाद सड़क का स्थायी निर्माण कराने की मांग भी ग्रामीणों ने की है, ताकि हर वर्ष बाढ़ के दौरान उन्हें इसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
विधायक को दी गई है जानकारी : मुखिया
तिनटंगा दियारा दक्षिण पंचायत के मुखिया गणेश प्रसाद मंडल ने बताया कि उसरैया गांव की स्थिति की जानकारी विधायक को दी गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने अपने स्तर से सड़क तैयार की थी, जो अब बाढ़ के पानी में कट रही है। फंड उपलब्ध होने के बाद सड़क का काम कराया जा सकता है। मुखिया ने बताया कि विधायक से गांव में पुलिया निर्माण कराने की मांग भी की गई है।
गंगा की धार में बह रही ग्रामीणों की मेहनत
बाढ़ के पानी के बीच उसरैया गांव के ग्रामीण इस समय राहत और मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जिन हाथों ने आपस में चंदा जुटाकर और अपनी मेहनत की कमाई लगाकर गांव के लिए रास्ता तैयार किया था, उन्हीं हाथों के सामने आज उनकी वर्षों की मेहनत गंगा की तेज धार में बह रही है।
ग्रामीणों की मांग है कि संकट की इस घड़ी में अधिकारी और जनप्रतिनिधि गांव तक पहुंचें और स्थिति का जायजा लेकर सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल राहत के साथ सड़क और आवागमन की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करें।















