


@ कुआ नाला पुल को 3 अगस्त को क्षतिग्रस्त घोषित किया गया था। इसके बाद पुल पर बड़े वाहनों के साथ चारपहिया और तीनपहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई। फिलहाल सिर्फ बाइक, साइकिल और पैदल यात्रियों को पुल से गुजरने की अनुमति है।
प्रदीप विद्रोही।
भागलपुर। कहलगांव के लोगों के लिए मंगलवार को कुआ नाला पुल पर हथौड़े तो चले, लेकिन बंद रास्ते के खुलने की उम्मीद अभी भी दूर नजर आ रही है। करीब छह दशक पुराने एनएच-80 के कुआ पुल की मरम्मत का काम आखिरकार शुरू हुआ है। फिलहाल पुल पर तीन मजदूर लोहे के एक्सपेंशन ज्वाइंट तक पहुंचने के लिए ऊपरी सतह की कंक्रीट काटने में जुटे हैं।

पुल की हालत ऐसी है कि मरम्मत की शुरुआत भी किसी बड़े निर्माण की बजाय ‘खोदाई’ से हुई है। मजदूर पुल की ऊपरी सतह का सर्फेस कंक्रीट काटकर लोहे के एक्सपेंशन ज्वाइंट को बाहर निकालने का काम कर रहे हैं। हालांकि काम की रफ्तार देखकर स्थानीय लोगों को इसके जल्द पूरा होने की उम्मीद कम ही दिख रही है। मरम्मत का काम एनएच-80 के निर्माण कार्य में लगी ठेका एजेंसी द्वारा कराया जा रहा है।
क्षतिग्रस्त घोषित किए गए कुआ पुल की जांच के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आई थीं। बताया गया कि पुल का बेयरिंग जाम है, एक्सपेंशन ज्वाइंट गायब है और जो हिस्सा बचा है, वह भी काम करने की स्थिति में नहीं है। पुल के दक्षिणी हिस्से के पिलर में दरार तथा ऊपरी सतह का सर्फेस खराब होने की बात भी सामने आई है। इन खामियों को देखते हुए स्थानीय लोगों को आशंका है कि पुल को पूरी तरह दुरुस्त करने में लंबा समय लग सकता है।
कुआ पुल को 3 अगस्त को क्षतिग्रस्त घोषित किया गया था। इसके बाद पुल पर बड़े वाहनों के साथ चारपहिया और तीनपहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई। फिलहाल सिर्फ बाइक, साइकिल और पैदल यात्रियों को पुल से गुजरने की अनुमति है।
इस रोक का असर सिर्फ यातायात पर नहीं पड़ा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आवागमन प्रभावित होने से सामान की ढुलाई और रोजमर्रा की जरूरतों की लागत बढ़ी है। कारोबारियों से लेकर आम लोगों तक इसकी मार महसूस कर रहे हैं। खासकर स्कूली बच्चों को पांव पांव अपने स्कुल जाना पड रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मरम्मत पूरी होने के बाद भी क्या इस पुल पर बड़े वाहनों का परिचालन शुरू हो पाएगा? उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिलहाल मरम्मत के बाद भी पुल पर बड़े वाहनों के परिचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

मरम्मत का काम शुरू हो गया है, लेकिन इसके बीच एक बड़ा सवाल अब भी खड़ा है – क्या हर बार पुराने पुल की मरम्मत ही समाधान होगी, या इस स्थल पर को एक नए पुल की भी जरूरत है?
फिलहाल नए पुल के निर्माण की कोई चर्चा नहीं है। ऐसे में लोगों की नजर अब इस बात पर है कि पुराने कुआ पुल की मरम्मत कितनी जल्दी और कितनी मजबूती से पूरी होती है और कहलगांव की बंद पड़ी बड़ी वाहनों की राह कब खुलती है।
















