


पूर्णिया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 9 जून को जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिला अस्पताल से लेकर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष जांच एवं परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत वर्ष 2016 में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। पिछले दस वर्षों में इस अभियान ने उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान, मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विशेष कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन एवं मूत्र जांच की जाएगी। साथ ही उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान कर आवश्यकतानुसार उन्हें उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया जाएगा। सुरक्षित मातृत्व, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, संस्थागत प्रसव एवं नवजात शिशु देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण परामर्श भी दिया जाएगा।
सिविल सर्जन ने बताया कि कार्यक्रम की सफलता के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ), एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रही हैं। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली एवं पूर्व में जांच से वंचित गर्भवती महिलाओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे 9 जून को अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में पहुंचकर उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाएं। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित मातृत्व और प्रत्येक नवजात को स्वस्थ जीवन की बेहतर शुरुआत सुनिश्चित करना है।
















