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भागलपुर । भागलपुर की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त स्वरूप देते हुए कला केंद्र परिसर में तीन दिवसीय 12वें भागलपुर रंग महोत्सव 2025 का भव्य शुभारंभ किया गया। 20 दिसंबर से 22 दिसंबर तक चलने वाले इस रंग महोत्सव ने शहर को रंगमंच, साहित्य और कला की जीवंत ऊर्जा से सराबोर कर दिया है। उद्घाटन अवसर पर दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे वातावरण में उत्सव, उमंग और रचनात्मकता का संचार देखने को मिला।

उद्घाटन समारोह का दृश्य अत्यंत आकर्षक और भावनात्मक रहा। दीपों की सौम्य रोशनी में मंच पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों के चेहरे उत्साह और आनंद से दमकते नजर आए। इस अवसर पर राजीव कांत मिश्रा, पूर्व महापौर डॉ. वीणा यादव, डॉ. योगेंद्र, एनहुल होंदा, श्रीप्रकाश चौधरी, तरुण घोष, मनीष यादव, अशोक यादव, महबूब आलम, जीवन जागृति समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह, प्रशांत विक्रम, तकी अहमद जावेद, संगीता दास, जयंत जलद, कपिल देव रंग एवं पंकज कुमार झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया।

भागलपुर रंग महोत्सव की विशेषता यह है कि इसमें केवल बिहार ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। मणिपुर, असम, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश से आए रंगकर्मी मंच पर अपनी सशक्त और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं। प्रत्येक नाट्य प्रस्तुति अपने भीतर सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाएं और रंगों की अनोखी भाषा समेटे हुए है।

महोत्सव के दौरान भागलपुर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई मिली है। बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष शाह, श्वेता सिंह एवं प्रीति शेखर की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ा दिया। आयोजन समिति की ओर से बिहार विधानसभा अध्यक्ष का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

भागलपुर रंग महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि कलाकार और दर्शक के बीच जीवंत संवाद का सशक्त माध्यम है। यह मंच रंगों, भावनाओं और विचारों के आदान-प्रदान का सजीव उदाहरण बनकर उभरा है। जब कलाकार मंच पर अपने अभिनय के रंग बिखेरते हैं, तो दर्शकों की आंखों में कला की गहराई और संवेदना स्वतः उतर आती है।

इन तीन दिनों में भागलपुर की गलियां, चौक-चौराहे और कला केंद्र रंगमंचीय संवादों और कलात्मक ऊर्जा से गूंजते नजर आ रहे हैं। यह महोत्सव न केवल शहर को एक जीवंत रंगमंच में परिवर्तित कर रहा है, बल्कि भागलपुर को राष्ट्रीय रंगमंचीय मानचित्र पर सशक्त पहचान भी दिला रहा है।

रंग, भाव और सृजनात्मकता का यह पर्व कला प्रेमियों के हृदय में लंबे समय तक अपनी छाप छोड़ेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। भागलपुर रंग महोत्सव 2025 निस्संदेह शहर की सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक आयोजन सिद्ध हो रहा है।

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