


भागलपुर सहित आसपास के जिलों में शुक्रवार शाम आई बेमौसम तेज आंधी और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। इस प्राकृतिक आपदा से मकई, गेहूं, केला, सरसों समेत कई फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में तैयार खड़ी फसलें तेज हवा और बारिश के कारण गिरकर बिछ गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, मकई, गेहूं और केला की फसल को सबसे अधिक क्षति हुई है। जिले के विभिन्न इलाकों में तबाही के एक जैसे हालात हैं। कई जगहों पर मकई की फसल को लगभग 50 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है, जबकि कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसलें भी खेतों में गिर गई हैं। फसल कटाई से ठीक पहले आई इस आपदा ने किसानों को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया है।
शनिवार को जिला पार्षद गौरव राय ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से प्रभावित किसानों के लिए क्षतिपूर्ति की मांग की। उन्होंने कहा कि खरीक प्रखंड सहित पूरे नवगछिया अनुमंडल में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। आम, लीची और केला की फसल को भी काफी क्षति पहुंची है।
गौरव राय ने कहा कि पहले ही मकई की कम कीमत से किसान परेशान थे, और अब इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी कमर तोड़ दी है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई किसानों को जीविकोपार्जन के लिए पलायन करने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि फसल क्षति का शीघ्र आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण एवं कृषि बिजली बिल माफ करने की भी मांग की गई है।
इधर, कृषि विभाग द्वारा फसल नुकसान के आकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द राहत प्रदान की जा सके।













