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भागलपुर। जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र में साइबर अपराध के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है, जहां फिंगरप्रिंट की नकली प्रतिकृति बनाकर सरकारी योजनाओं की राशि की अवैध निकासी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, मामले की शुरुआत खोशलपुर निवासी प्रभात कुमार द्वारा 23 मार्च को साइबर थाना में दिए गए लिखित आवेदन से हुई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और एक विशेष टीम का गठन कर जांच शुरू की।

जांच के क्रम में पुलिस टीम ने खोशलपुर स्थित एक जन सेवा केंद्र पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान केंद्र संचालक राजकिशोर यादव के पास से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। बरामद सामान में सिलिकॉन शीट पर तैयार लगभग 320 लोगों के आधार संख्या के साथ फिंगरप्रिंट की नकली प्रतिकृतियां, संगणक यंत्र, कई बैंक पासबुक, नकदी निकासी कार्ड तथा अंगुली छाप पहचान यंत्र सहित अन्य उपकरण शामिल हैं।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों के फिंगरप्रिंट की नकली प्रतिकृति तैयार कर उनके बैंक खातों से सरकारी योजनाओं की राशि निकालता था। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के गबन की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

सिटी पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

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