


नवगछिया के रंगरा प्रखंड अंतर्गत पूरब मोहल्ला स्थित मस्जिद के समीप एक भव्य धार्मिक जलसा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अमानतुल उलूम के नौ कुरआन हाफिजों की दस्तारबंदी कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को लेकर पूरे इलाके में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए।

जलसा की शुरुआत नात-ए-पाक से की गई, जिसके बाद अल्लाह तआला की शान में हम्द पेश की गई। कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से आए उलेमा-ए-कराम एवं वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज को शिक्षा, एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
मुंगेर खानकाह से आए फैसल सैयद शाह वली रहमानी ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को दुनियावी और दीनी, दोनों प्रकार की शिक्षा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही बच्चों में अदब और तहजीब का विकास होता है तथा समाज और राष्ट्र की तरक्की का मार्ग भी शिक्षा से ही प्रशस्त होता है। उन्होंने लोगों से आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ रहने की अपील की।
यूनुस हुसैन अली नदवी ने कुरआन शरीफ की तफ्सीर बयान करते हुए लोगों को उसके संदेशों पर अमल करने की नसीहत दी। वहीं मुजफ्फरनगर से आए अफसार आलम ने कहा कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और यदि कोई पड़ोसी भूखा हो, तो पहले उसे भोजन कराना चाहिए, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो।

झारखंड के गोड्डा से आए चतुर्वेदी मु. दानिस ने कहा कि सभी धर्मों में ईश्वर एक ही है और हमें आपसी सद्भाव बनाए रखना चाहिए। इसके अलावा मुजफ्फरनगर से सलाउद्दीन एवं भागलपुर से शाह मानी ने भी अपने विचार रखते हुए समाज में एकता और भाईचारे पर बल दिया।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल की भी उपस्थिति रही। आयोजन को सफल बनाने में मु. शकील उद्दीन, मो. अजहर आलम, सदर मु. जाकिर तथा सचिव मु. जफर सहित अन्य लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जलसा के समापन पर देश-प्रदेश में अमन-चैन, सौहार्द और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई।
















