


तेतरी जीरो माइल के पास हादसा, घायलों को स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल
नवगछिया अनुमंडल के तेतरी जीरो माइल के समीप रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। अचानक सड़क पर नीलगाय आ जाने के कारण टक्कर से एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑटो पर सवार करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।

हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए सभी घायलों को ऑटो व अन्य वाहनों की मदद से नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। घायलों की पहचान रंगरा निवासी महेंद्र पंडित (65 वर्ष), अमापुर निवासी आनंद कुमार (10 वर्ष), बाखरपुर निवासी लूसी कुमारी (30 वर्ष), बखरी निवासी ज्ञानवती देवी (65 वर्ष) तथा घोघा पक्कीसराय निवासी शंभू मंडल (45 वर्ष) के रूप में हुई है।
अलग-अलग काम से जा रहे थे सभी लोग
घटना में घायल आनंद कुमार के बारे में बताया गया कि वह कहलगांव से नवगछिया स्थित एक पब्लिक स्कूल का छात्र है और छुट्टी के बाद ऑटो से घर लौट रहा था। वहीं लूसी कुमारी अपने ससुराल से रंगरा थाना क्षेत्र के मुरली गांव स्थित मायके एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही थीं। शंभू मंडल अपने नाती के मुंडन कार्यक्रम में भाग लेने कदवा जा रहे थे, तभी वे भी इस दुर्घटना का शिकार हो गए।
तीन घायलों की हालत गंभीर, मायागंज रेफर
अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया, लेकिन तीन लोगों—आनंद कुमार, ज्ञानवती देवी और महेंद्र पंडित—की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का इलाज नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में किया गया ।

अस्पताल व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के दौरान अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में घायल मरीज दर्द से कराहते रहे, जबकि ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर अस्पताल परिसर में क्रिकेट खेलते नजर आए। इसको लेकर परिजनों एवं स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सड़कों पर अचानक पशुओं के आ जाने से इस प्रकार की दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है,
वहीं प्रशासन से भी ऐसे स्थानों पर सुरक्षा उपाय मजबूत करने की मांग उठने लगी है।















