


पूर्णिया। प्रभारी जिला पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त अंजनी कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक उप विकास आयुक्त कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि 26 मई 2026 तक पेंशन से संबंधित कुल 47 मामले दर्ज हैं, जिनमें से मई 2026 तक 42 मामलों में पेंशन भुगतान किया जा चुका है। दो मामलों में आवेदकों को अयोग्य पाया गया, जबकि तीन मामलों में संबंधित आश्रितों की नियुक्ति की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर 2025 से 21 फरवरी 2026 के बीच कुल 74 परिवाद दर्ज किए गए थे। इनमें कल्याण विभाग से जुड़े पांच मामलों का भुगतान कर निष्पादन कर दिया गया है।
पुलिस विभाग से संबंधित 56 मामलों में से 30 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 15 मामले अपर समाहर्ता से संबंधित पाए गए हैं। इन मामलों पर त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
बैठक के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि शेष लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अद्यतन करते हुए निष्पादित करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने विशेष लोक अभियोजक को भी न्यायालय में लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय मिल सके।
साथ ही जिला कल्याण पदाधिकारी को पीड़ित परिवारों से समन्वय स्थापित कर नियमानुसार सहायता राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक ने थानों में लंबित आरोप पत्रों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि झूठे मामले दर्ज कराने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।













