


बड़ी नावों से कराई जा रही यात्रियों की आवाजाही, प्रशासन सतर्क
नवगछिया : विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर आने-जाने के लिए गंगा जलमार्ग ही लोगों का प्रमुख सहारा बना हुआ है। महादेवपुर घाट पर पिछले कई दिनों से यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद लोग नाव के सहारे गंगा पार करने को मजबूर हैं।
इधर बीते दो दिनों में आए तेज आंधी-तूफान के कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है और धार भी काफी तेज हो गई है। इस दौरान दो-तीन छोटी नावों के पलटने की घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।
गुरुवार को महादेवपुर घाट पर छोटी नावों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। प्रशासन ने केवल बड़ी नावों को ही यात्रियों के परिवहन की अनुमति दी है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को रोका जा सके।
घाट पर तैनात आपदा मित्र नंदकिशोर, पंकज एवं अन्य कर्मी लगातार निगरानी करते नजर आए। बड़ी नावों पर अधिक भीड़ न हो, इसके लिए यात्रियों को नियंत्रित तरीके से दूसरी नावों में बैठाया जा रहा था।
प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गंगा में तेज धार और खराब मौसम को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। वहीं यात्रियों से भी प्रशासन की ओर से सतर्कता बरतने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई है।















