


“हर बेटी का अधिकार — स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मान” का दिया गया संदेश
पूर्णिया। विद्या विहार आवासीय विद्यालय, परोरा में मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर “पीरियड फ्रेंडली वर्ल्ड” अभियान के तहत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नेतरहाट ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन (वैश्विक सामाजिक उत्तरदायित्व) एवं उसकी प्रमुख सामाजिक पहल “संगिनी” के सहयोग से रविबंश नारायण मिश्रा स्मृति सभागार में किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों के बीच मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य, सम्मान और जागरूकता को बढ़ावा देना तथा इससे जुड़े सामाजिक संकोच और भ्रांतियों को दूर करना था। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा विद्यालय परिसर में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के दौरान छात्राओं ने विभिन्न नारों एवं संदेशों के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इस विषय पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंतर्गत चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने मासिक धर्म स्वच्छता, महिला स्वास्थ्य एवं सम्मान से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। छात्राओं द्वारा बनाए गए चित्रों ने समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच का प्रभावी संदेश दिया।
छात्राओं को विषय की विस्तृत जानकारी देने के लिए विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। दृश्य प्रस्तुति के माध्यम से मासिक धर्म से संबंधित वैज्ञानिक तथ्यों, स्वच्छता के महत्व, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में कक्षा 11 एवं 12 की छात्राओं तथा एनसीसी कैडेट्स ने सक्रिय भागीदारी निभाई। समूह चर्चा और विचार-विमर्श के दौरान छात्राओं ने मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक संकोच को समाप्त करने तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर नेतरहाट ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन की विभिन्न सामाजिक पहलों की भी जानकारी साझा की गई। बताया गया कि संस्था स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। संस्था की प्रमुख पहल “संगिनी” के तहत देश के 10 राज्यों के 725 से अधिक विद्यालयों में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है। वहीं बिहार के 500 से अधिक विद्यालयों तथा पूर्णिया एवं सीमांचल क्षेत्र के 350 से अधिक विद्यालयों में स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
विद्यालय के प्राचार्य निखिल रंजन ने कहा कि आज भी समाज के कई हिस्सों में मासिक धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती, जिससे किशोरियों के स्वास्थ्य और आत्मविश्वास पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे कार्यक्रम उन्हें सही जानकारी देकर आत्मनिर्भर और जागरूक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
विद्यालय के निदेशक इंजी. आर. के. पॉल ने कहा कि मासिक धर्म स्वच्छता केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि महिला गरिमा, आत्मविश्वास और सशक्तिकरण से जुड़ा महत्वपूर्ण सामाजिक विषय है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की भी है।
विद्यालय के सचिव इंजी. राजेश चंद्र मिश्रा ने अपने संदेश में कहा कि विद्या विहार समूह सदैव शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और उत्तरदायित्व से जुड़े अभियानों को प्राथमिकता देता रहा है। उन्होंने संगिनी अभियान, नेतरहाट ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन, ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स एवं सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक सहभागिता से ही महिला स्वास्थ्य और सम्मान के क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन संभव है।
विद्यालय की गर्ल्स वाइस प्रिंसिपल श्रीमती रीता मिश्रा तथा गर्ल्स एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमती प्रीति पांडेय के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय की महिला शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं आयोजन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों, अतिथियों एवं छात्राओं के साथ सामूहिक छायाचित्र लिया गया। विद्यालय परिवार ने सभी सहयोगी संस्थाओं, अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी महिला स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान से जुड़े ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प दोहराया।
















