


पूर्णिया। पूर्णिया विश्वविद्यालय में नामांकन आवेदन शुल्क समाप्त करने की मांग को लेकर छात्र नेता पीयूष पुजारा का अनिश्चितकालीन अनशन सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे इस आंदोलन को लेकर छात्र समुदाय के बीच चर्चा तेज हो गई है। अनशनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह छात्रहित से जुड़ी हैं और जब तक आवेदन शुल्क वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र नेता पीयूष पुजारा ने कहा कि पिछले तीन दिनों से वे सीमांचल के हजारों छात्र-छात्राओं की जायज मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं और मांगों के प्रति गंभीर नहीं है।
पीयूष पुजारा ने कहा कि वे पिछले कई महीनों से छात्रहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष आवाज उठाते रहे हैं। उनका आरोप है कि छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है और विभिन्न प्रक्रियाओं में छात्रों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में छात्रों को कई तरह की प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था, एडमिट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया और अन्य शैक्षणिक कार्यों में हो रही परेशानियों का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि इन समस्याओं से छात्र-छात्राएं लगातार असंतुष्ट हैं।
अनशनकारी छात्र नेता ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि सीमांचल के विद्यार्थियों के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक आवेदन शुल्क समाप्त करने सहित छात्रहित की मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ठोस निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
इधर अनशन स्थल पर विभिन्न छात्र संगठनों और छात्रों का समर्थन भी देखने को मिल रहा है। कई छात्र नेताओं ने आंदोलन को जायज बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की है।
वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में छात्रों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है। अनशन के तीसरे दिन भी आंदोलन जारी रहने से परिसर का माहौल गर्म बना हुआ है।
















