


सीमांचल की सड़क परियोजनाओं, फ्लाईओवर निर्माण, विक्रमशिला पुल की गुणवत्ता जांच और नए राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर का भी उठाया मुद्दा
पूर्णिया। कोसी-सीमांचल क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने और लंबित सड़क परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान सांसद ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई का आग्रह किया।
मुलाकात के दौरान सांसद ने सबसे प्रमुख मांग के रूप में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के जीरो माइल (गुलाबबाग) से पूर्णिया एयरपोर्ट तक फोरलेन सड़क अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग संपर्क मार्ग निर्माण का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि पूर्णिया आज कोसी-सीमांचल का प्रमुख आर्थिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक केंद्र बन चुका है, लेकिन एयरपोर्ट तक सीधा और उच्चस्तरीय सड़क संपर्क नहीं होने के कारण यात्रियों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सांसद ने कहा कि वर्तमान में एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए शहर के भीड़भाड़ वाले मार्गों का उपयोग करना पड़ता है, जिससे यातायात जाम, समय की बर्बादी और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। यदि गुलाबबाग से एयरपोर्ट तक फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाता है तो न केवल शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि पूरे सीमांचल क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना का सीधा लाभ पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले के लाखों लोगों को मिलेगा। इससे व्यापार, पर्यटन, उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी तथा पूर्णिया एयरपोर्ट के भविष्य के विस्तार को भी नई गति मिलेगी। सांसद ने केंद्रीय मंत्री से इस परियोजना के लिए शीघ्र डीपीआर तैयार कराकर आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।
सीमांचल की प्रमुख सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की मांग
सांसद पप्पू यादव ने सीमांचल क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने की मांग भी दोहराई। उन्होंने बेलौरी-मंशैली-कदवा-बारसोई होते हुए हरिश्चंद्रपुर (पश्चिम बंगाल) तक तथा बनमनखी-चंपानगर-श्रीनगर-जलालगढ़ होते हुए अमौर तक जाने वाले मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि इन मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलने से सीमांचल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी। किसानों, व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्रीय व्यापार को भी मजबूती प्राप्त होगी।
सांसद ने बताया कि इन प्रस्तावों को पूर्व में भी मंत्रालय के समक्ष रखा गया था तथा मार्च 2025 में संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने की जानकारी मिली थी, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है। इसलिए उन्होंने मामले में शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया।
गुलाबबाग जंक्शन पर बहुस्तरीय फ्लाईओवर की मांग
सांसद ने पूर्णिया के गुलाबबाग स्थित थोक अनाज मंडी क्षेत्र में एनएच-31 और एनएच-107 के जंक्शन पर बहुस्तरीय फ्लाईओवर निर्माण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पूरे कोसी-सीमांचल का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
नेपाल और बांग्लादेश सीमा से जुड़े व्यापारिक मार्ग होने के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। फ्लाईओवर बनने से यातायात सुगम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
इसके अलावा सांसद ने हरदा बाजार, नेवालाल चौक, आर.एन. शाह चौक, गिरजा चौक तथा एनएच-107 के अन्य व्यस्त क्षेत्रों में फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से शहर और आसपास के क्षेत्रों में जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा।
विक्रमशिला समानांतर पुल की गुणवत्ता जांच की मांग
मुलाकात के दौरान सांसद पप्पू यादव ने भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले निर्माणाधीन विक्रमशिला समानांतर पुल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी संबंधी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
सांसद ने मांग की कि पुल निर्माण कार्य की स्वतंत्र उच्चस्तरीय तकनीकी समिति से जांच कराई जाए तथा निर्माण सामग्री की वैज्ञानिक लैब जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित निर्माण एजेंसी, सुपरविजन कंपनी एवं जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजना है और इसकी गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
नए राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर का प्रस्ताव
सांसद ने गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे और पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के बीच एक नए राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा।
प्रस्तावित मार्ग प्रतापगंज, भीमपुर, छातापुर, जदिया, कुमारखंड, केवटगामा, चकमका और एनएच-107 होते हुए कसबा के आजाद चौक तक जाएगा। सांसद ने कहा कि इस कॉरिडोर के निर्माण से सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया और पूर्णिया सहित पूरे कोसी-सीमांचल क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि इससे कृषि उत्पादों के परिवहन, व्यापार, उद्योग, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी। नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा तथा क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलेगा।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
मुलाकात के बाद सांसद पप्पू यादव ने कहा कि कोसी-सीमांचल लंबे समय से बेहतर आधारभूत संरचना की प्रतीक्षा कर रहा है। सड़क, पुल और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी क्षेत्र की इन महत्वपूर्ण मांगों पर सकारात्मक पहल करेंगे और आने वाले समय में कोसी-सीमांचल को विकास की नई पहचान मिलेगी। सांसद ने कहा कि क्षेत्र की जनता के हितों और विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए उनका प्रयास निरंतर जारी रहेगा।














