


नवगछिया । कटिहार-बरौनी रेलखंड पर ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार की रात एक बार फिर असामाजिक तत्वों ने राजधानी एक्सप्रेस को निशाना बनाते हुए ट्रेन पर पत्थरबाजी कर दी। इस घटना में एसी कोच की खिड़की का बाहरी शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुए पथराव से यात्रियों में दहशत फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ जा रही राजधानी एक्सप्रेस शुक्रवार रात लगभग 8:42 बजे नवगछिया स्टेशन से रवाना हुई थी। ट्रेन के खुलने के करीब आठ मिनट बाद नवगछिया और कटरिया स्टेशन के बीच अज्ञात असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पथराव कर दिया। तेज गति से चल रही ट्रेन के एसी कोच की खिड़की पर पत्थर आकर लगा, जिससे खिड़की का बाहरी शीशा टूट गया।

अचानक हुए जोरदार धमाके की आवाज से कोच में बैठे यात्री घबरा गए। कुछ देर के लिए कोच में अफरातफरी का माहौल बन गया। यात्री अपनी सीटों से उठकर घटना की जानकारी लेने लगे। हालांकि रेलवे कर्मियों और सहयात्रियों ने स्थिति को संभालते हुए यात्रियों को शांत कराया।
घटना की सूचना तत्काल रेलवे अधिकारियों और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और मामले की जांच शुरू कर दी गई। पथराव करने वाले लोगों की पहचान के लिए संबंधित रेलखंड के आसपास के क्षेत्रों में जांच-पड़ताल की जा रही है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार इस रेलखंड पर ट्रेनों पर पथराव की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी कई बार एक्सप्रेस ट्रेनों और अन्य यात्री गाड़ियों को असामाजिक तत्वों द्वारा निशाना बनाया जा चुका है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि रेल पटरियों के किनारे बसे इलाकों में नियमित गश्ती, सीसीटीवी निगरानी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई से ही ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पथराव में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को आश्वस्त किया है कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
















