


प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग-80 की भूमि पर कुल 104 लोगों द्वारा अतिक्रमण कर विभिन्न प्रकार के निर्माण कर लिए गए थे। पूर्व में सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। बावजूद इसके कई लोगों ने कब्जा नहीं हटाया, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया।

अभियान के दौरान प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी सह अंचलाधिकारी पीरपैंती राजीव नाथ तांती एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी मनोज कुमार मौके पर मौजूद रहे। वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस पदाधिकारी विमलेश सिंह यादव और आमोद कुमार ठाकुर के नेतृत्व में संभाली गई। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पीरपैंती थाना की महिला एवं पुरुष पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी।
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर अतिक्रमणकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हल्की नोकझोंक हुई, लेकिन पुलिस और अधिकारियों की सतर्कता के कारण स्थिति शीघ्र ही सामान्य हो गई। इसके बाद अभियान शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा और राजमार्ग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से सड़क किनारे अवैध कब्जों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था। कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रहती थी और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती थी। अतिक्रमण हटने से सड़क की चौड़ाई बढ़ेगी तथा आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग-80 सहित अन्य सार्वजनिक भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सके।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी। प्रशासन ने लोगों से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं करने तथा विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की है।















