



सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि घटना के बाद जब दोनों घायलों को रंगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, तब वह स्वयं वहां मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने दोनों की जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। बेहतर इलाज के लिए तत्काल दो एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें पूर्णिया भेजा गया, लेकिन दुर्भाग्यवश दोनों को बचाया नहीं जा सका।
उन्होंने कहा कि मां और बेटे की एक साथ मौत से पूरा इलाका स्तब्ध है। पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

सुजीत कुमार सिंह ने प्रशासन एवं बिजली विभाग से क्षेत्र में लटक रहे जर्जर और खतरनाक बिजली तारों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।















