


भागलपुर। लगभग एक माह से बंद पड़े विक्रमशिला सेतु पर रविवार को बेली ब्रिज के उद्घाटन के साथ छोटे वाहनों का परिचालन शुरू हो गया। बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री सह बिहपुर विधायक इं. कुमार शैलेंद्र ने फीता काटकर और नारियल फोड़कर बेली ब्रिज का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 3 मई की रात से बाधित यातायात व्यवस्था फिर से बहाल हो गई, जिससे भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया और आसपास के जिलों के लोगों को बड़ी राहत मिली है।
उद्घाटन समारोह में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, अभियंता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर बेली ब्रिज निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अधिकारियों, अभियंताओं और श्रमिकों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
पथ निर्माण मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बीआरओ और पथ निर्माण विभाग की टीम ने समन्वय बनाकर रिकॉर्ड समय में कार्य पूरा किया। उन्होंने कहा कि सामान्यतः ऐसे कार्यों में अधिक समय लगता है, लेकिन सभी के संयुक्त प्रयास से मात्र 16 से 20 दिनों के भीतर बेली ब्रिज तैयार कर जनता को समर्पित कर दिया गया। मंत्री ने बीआरओ के अधीक्षण अभियंता विपिन कुमार चंद, उनकी टीम तथा निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश था कि विक्रमशिला सेतु पर जल्द से जल्द आवागमन बहाल किया जाए। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और बीआरओ की टीम लगातार कार्य में जुटी रही। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने आम जनता से वादा किया था कि 7 जून से पहले पुल चालू कर दिया जाएगा और आज वह वादा पूरा हुआ है।

जिलाधिकारी ने लोगों से धैर्य और अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि फिलहाल बेली ब्रिज पर वन-वे यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। वाहनों को कुछ समय के लिए रुकना पड़ सकता है, लेकिन अधिकतम प्रतीक्षा अवधि 10 मिनट के आसपास होगी। उन्होंने कहा कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है और इसकी नियमित निगरानी तथा रखरखाव किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बेली ब्रिज की मजबूती का परीक्षण बड़े क्रेन, रोलर और अन्य भारी मशीनों के संचालन के माध्यम से किया जा चुका है। उद्घाटन के बाद सैकड़ों वाहन और लोग पुल से सुरक्षित गुजर चुके हैं। प्रशासन यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखे हुए है ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के कारण पिछले एक माह से यातायात प्रभावित था। इस दौरान लोगों को नाव और वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था। बेली ब्रिज के शुरू होने से अब क्षेत्र के लाखों लोगों को आवागमन में बड़ी सहूलियत मिलेगी।
















