


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने और बदलाव की चेतना जगाने का सशक्त माध्यम भी है। इसी संदेश को जीवंत करते हुए सोमवार को भागलपुर के द ग्रैंड रॉयल सभागार में समवेत महिला रंग सखी की ओर से सामाजिक सरोकारों पर आधारित नाटक ‘अब और नहीं’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक ने महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों, सामाजिक असमानता और पितृसत्तात्मक सोच पर तीखा प्रहार करते हुए दर्शकों को गहन आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया।
राकेश कुमार त्रिपाठी द्वारा लिखित तथा विक्रम कांत के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक में दिखाया गया कि महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज में वर्षों से जड़ें जमा चुकी संकीर्ण मानसिकता का परिणाम है। व्यंग्य, संवाद और प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से कलाकारों ने स्त्री को वस्तु समझने वाली सोच, सामाजिक चुप्पी और लैंगिक भेदभाव पर करारा प्रहार किया।
नाटक की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि मंच पर सभी भूमिकाएं महिला कलाकारों ने निभाईं। पुरुष पात्रों सहित समाज के विभिन्न चरित्रों को भी महिलाओं ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कलाकारों के सशक्त अभिनय ने दर्शकों को भावुक करने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर कर दिया। कई अवसरों पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
सूत्रधार की भूमिका में वर्षा ऋतु ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जबकि प्रतिवादी महिला के रूप में सपना कुमारी ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। समाचार प्रस्तोता की भूमिका में छाया पांडे और मेरीलता किस्कू ने प्रभावी अभिनय किया। वहीं नूतन कुमारी, सुहानी शौर्य, स्वीटी प्रिया, मनीषा कुमारी, साक्षी श्रेया, काजल कुमारी और आव्या कुसुम ने भी अपने सशक्त अभिनय से नाटक को जीवंत बना दिया।
प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाने में संगीत संयोजन आशीष कुमार दास, क्राफ्ट डिज़ाइन संतोष कुमार तथा प्रकाश परिकल्पना मकसूदन कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के सफल आयोजन में राहुल कुमार और सुनील कुमार मंडल ने भी सक्रिय सहयोग दिया।

कार्यक्रम में अमेरिका से आईं प्रभा झा, डॉ. अल्पा भट्टाचार्य, सुब्रो भट्टाचार्य, मुंबई की अश्विनी आचार्य और सीमा सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने नाटक की विषयवस्तु, कलाकारों के अभिनय और समाज को जागरूक करने वाले संदेश की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया।
इस अवसर पर समवेत एवं Leap to Shine (US) के सहयोग से संचालित ई-एजुकेशन सेंटर, घोघा एवं बैजानी के बच्चों ने भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का संचालन समवेत के सचिव डॉ. सुनील कुमार साह ने किया। समापन अवसर पर संस्था की ओर से महिलाओं की गरिमा, समानता और सामाजिक न्याय के पक्ष में सांस्कृतिक अभियानों को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।
















