


भागलपुर।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई), भारत सरकार के उपक्षेत्रीय कार्यालय, भागलपुर की ओर से सोमवार को 20वें सांख्यिकी दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष का विषय “Unlocking the Potential of Administrative Data” रखा गया, जिसमें प्रशासनिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण तथा सुशासन में सांख्यिकी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद कार्यालय के प्रभारी वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी रंजीत कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सांख्यिकी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण आंकड़े किसी भी देश की योजनाओं के निर्माण, विकास कार्यों की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

संगोष्ठी में वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी संजय कुमार मिश्र ने सांख्यिकी की आवश्यकता और उसके विभिन्न क्षेत्रों में महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी पवन कुमार ने रोजगार सृजन में सांख्यिकी की भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि रौशन कुमार ने प्रशासनिक एवं सामाजिक विकास में आंकड़ों की उपयोगिता को विस्तार से बताया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. विजय कुमार, विभागाध्यक्ष, सांख्यिकी विभाग, मारवाड़ी महाविद्यालय ने “Unlocking the Potential of Administrative Data” विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय प्रशासनिक आंकड़े साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, पारदर्शी शासन व्यवस्था, जवाबदेही और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रशासनिक डेटा के वैज्ञानिक विश्लेषण और उसके प्रभावी उपयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में मुंगेर आईटीसी के फाइनेंस मैनेजर निखिल हरि ने वित्तीय प्रबंधन, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया तथा सांख्यिकी के व्यावहारिक उपयोग पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डेटा किसी भी संस्थान की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है और सही विश्लेषण से बेहतर निर्णय लिए जा सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन पुरुषोत्तम कुमार पांडेय ने किया। अंत में वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी पवन कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी, शिक्षाविद, शोधार्थी तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
















