


अमेरिका के लिए 400 तो भूटान के लिए 185 रुपये शुल्क
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रह गया है। दुनिया के अलग-अलग देशों में रहने वाले भारतीय भी इस पर्व को पूरे उत्साह से मनाते हैं। ऐसे में विदेशों में बसे भाइयों तक बहनों का स्नेह समय पर पहुंचे, इसके लिए भारतीय डाक विभाग ने इस बार विशेष व्यवस्था की है। विभाग के माध्यम से इस वर्ष दुनिया के 185 देशों में राखी भेजी जा सकेगी। इसके लिए अलग-अलग देशों के हिसाब से डाक शुल्क तय किया गया है, ताकि लोग आसानी से अंतरराष्ट्रीय डाक सेवा का लाभ उठा सकें।
डाक विभाग के अनुसार, अमेरिका में राखी भेजने के लिए 400 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि भारत के पड़ोसी देश भूटान के लिए केवल 185 रुपये खर्च करने होंगे। अन्य देशों के लिए भी दूरी, डाक सेवा और परिवहन व्यवस्था के आधार पर अलग-अलग शुल्क तय किए गए हैं।
समय पर बुकिंग की अपील:
रक्षाबंधन के दौरान हर साल अंतरराष्ट्रीय डाक की मांग बढ़ जाती है। इसे देखते हुए डाक विभाग ने लोगों से अपील की है कि अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द अपनी राखियां बुक करा दें, ताकि वे तय समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इसके लिए प्रमुख डाकघरों में विशेष काउंटर बनाए गए हैं और अंतरराष्ट्रीय पार्सल व स्पीड पोस्ट सेवाओं को भी मजबूत किया गया है।
सुरक्षित और समयबद्ध डिलीवरी पर जोर:
डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग विदेशों में रहने वाले अपने भाई, बेटे और अन्य रिश्तेदारों को राखी भेजते हैं। इस बार भी समयबद्ध और सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। विभाग का प्रयास है कि भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक राखी तय समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचे और त्योहार की खुशियां सीमाओं के पार भी बरकरार रहें।
विदेशों में बसे भारतीयों के लिए बड़ी राहत:
डाक विभाग की यह सुविधा उन लाखों भारतीय परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जिनके परिजन विदेशों में रहते हैं। अब बहनें बिना किसी परेशानी के निर्धारित शुल्क देकर अपनी राखी दुनिया के 185 देशों में भेज सकेंगी। इससे भौगोलिक दूरियां भले बनी रहें, लेकिन भाई-बहन के स्नेह का धागा पहले की तरह मजबूत बना रहेगा।
















