


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार सरकार के प्रथम 100 दिनों की उपलब्धियों और जनहित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों को आमजन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भागलपुर के समीक्षा भवन में “सेवा, संकल्प, समर्पण के 100 दिन” राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विकास, सुशासन और जनकल्याण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धताओं को साझा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आयुक्त महोदय द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मौके पर जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (राजस्व), जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष संतोष कुमार शाह, जिला परिषद अध्यक्ष बिपिन कुमार मंडल, जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रणव कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
पटना से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भागलपुर में भी किया गया। प्रसारण के माध्यम से सरकार के पहले 100 दिनों की उपलब्धियों, जनहितकारी फैसलों और बिहार के भविष्य के विकास रोडमैप की विस्तृत जानकारी दी गई।
भागलपुर जिले में इन 100 दिनों के दौरान हुए उल्लेखनीय कार्यों पर आधारित विशेष वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया। वीडियो में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी पहलों और प्रशासनिक उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
मेहनत और सेवा को मिला सम्मान
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 14 कर्मियों एवं जनप्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में जिला राजस्व शाखा, जिला गोपनीय शाखा, जिला शिक्षा कार्यालय, डीआरडीए, समाज सुरक्षा कोषांग, पंचायती राज कार्यालय, जिला कल्याण शाखा, आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, जीविका, पुलिस विभाग के कर्मी एवं स्वयं सहायता समूह की प्रतिनिधि शामिल रहीं।
10 परिवारों को मिला बंदोबस्ती पर्चा
कार्यक्रम के दौरान आयुक्त महोदय ने 10 लाभुकों के बीच बंदोबस्ती पर्चा वितरित किया। उन्होंने लाभुकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने सभी पात्र लोगों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में सुशासन, जनसेवा और राज्य के सर्वांगीण विकास के संकल्प को दोहराया गया। उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

















