


देवघर। इस बार श्रावणी मेले में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ पुलिसकर्मियों के कंधों पर नहीं होगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी सुरक्षा का अहम प्रहरी बनेगा। पूर्व रेलवे ने जसीडीह रेलवे स्टेशन पर AI आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) को सक्रिय कर दिया है, जिससे वांछित और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान रियल टाइम में की जा सकेगी।
श्रावणी मेला 2026 के दौरान प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालुओं के जसीडीह स्टेशन पहुंचने की संभावना को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसी सिलसिले में पूर्व रेलवे के महानिरीक्षक (आईजी) आरपीएफ ए.एन. सिन्हा ने स्टेशन का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर, फुट ओवरब्रिज, आरपीएफ पोस्ट और नव विकसित यात्री होल्डिंग एरिया का अवलोकन किया गया। यह होल्डिंग एरिया श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने और स्टेशन परिसर में अनावश्यक दबाव कम करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
आईजी ने AI आधारित फेस रिकग्निशन कैमरों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। यह तकनीक अपराधियों के डेटाबेस से जुड़ी है और किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान होते ही तत्काल अलर्ट जारी करती है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत कार्रवाई कर सकें।
बाद में रेलवे, जीआरपी, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित हुई, जिसमें मेला अवधि के दौरान संयुक्त रणनीति, प्रभावी संचार और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
आरपीएफ महानिरीक्षक ने अधिकारियों और जवानों को निर्देश दिए कि पूरे मेले के दौरान 24 घंटे भीड़ प्रबंधन, मेला स्पेशल ट्रेनों में सुरक्षा एस्कॉर्ट, हेल्प डेस्क संचालन, संवेदनशील स्थलों की निगरानी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पूर्व रेलवे का कहना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर समन्वय और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के जरिए इस बार श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
















