


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित छात्र आंदोलन की प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद भागलपुर में नागरिक समाज ने इसे लोकतांत्रिक संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया। वेरायटी चौक स्थित होटल आमंत्रण में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, नाट्यकर्मियों, साहित्यकारों और विभिन्न नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने देशभर के संघर्षरत छात्र-युवाओं को बधाई देते हुए उनकी एकजुटता और अहिंसक आंदोलन की सराहना की।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि यह सफलता लाखों छात्र-युवाओं के लंबे, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष का परिणाम है। उनका मानना था कि इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि संगठित जनआंदोलन लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलाव का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष कर रहे लोगों के लिए यह उपलब्धि प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उम्मीद जताई कि सरकार अब शिक्षा व्यवस्था में सुधार, रोजगार के अवसरों के विस्तार और युवाओं से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण सवालों पर भी संवेदनशीलता के साथ ठोस पहल करेगी। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और जनभावनाओं का सम्मान ही बेहतर नीतियों का आधार होना चाहिए।

















